9 मई 2020 - 18:39
अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए अमरीका ने चीन और रूस पर फिर लगाया आरोप

अमरीका ने चीन और रूस पर कोरोना वायरस की महामारी के बारे में ग़लत बयान फैलाने के लिए सहयोग बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजिंग, मास्को की बनाई गयी तकनीक को अपना रहा है।

विदेशी प्रोपेगैंडों पर नज़र रखने वाले अमरीकी विदेशमंत्रालय के ग्लोबल इन्गेज्मेंट सेन्टर की समन्वयकर्ता लिया गैब्रिल ने कहा कि कोरोना वायरस संकट से पहले ही हमने प्रोपेगैंडा के मैदान में रूस और चीन के बीच एक विशेष स्तर पर समन्वय देखा था।

पत्रकारों से बात करते हुए उनका कहना था किन्तु इस महामारी के साथ ही इस सहयोग में तेज़ी आई है।

उन्होंने कहा कि हम इस परिवर्तन को इन देशों के बीच समन्वय के रूप में देखते हैं जो कोरोना महामारी के बारे में लोगों की समझ को अपने मक़सद के हिसाब से बनाना चाहती हैं।

इससे पहले सेन्टर ने कहा था कि रूस से संबंधित हज़ारों सोशल मीडिया एकाउंट्स महामारी के बारे में साज़िशें कर रहे हैं जिसमें यह साज़िश ही शामिल है कि चीनी शहर वुहान में पिछले साल सामने आने वाला वायरस अमरीका ने पैदा किया है।

सेन्टर के अनुसार चीन ने इस महामारी से निपटने के लिए अपनी रक्षा के लिए एक बार फिर आन लाइन अभियान तेज़ कर दिया है और अमरीका की आलोचना की है।

लिया गैब्रियल के अनुसार बीजिंग समय के अनुसार उन तकनीकों को प्रयोग कर रहा है जो मास्को की ओर से लंबे समय से अपनाई गयी है।

उन्होंने कहा कि चीन अपने संदेश को बढ़ाने के लिए बोट नेटवर्क का प्रयोग बढ़ा रहा है।

उनका दावा था कि सरकारी तौर पर चीनी कूटनयिक एकाउंट में मार्च के अंत में अचानक वृद्धि देखने को मिली और उसके प्रतिदिन 30 से 720 तक नये फ़ालोवर्ज़ बढ़ रहे हैं जो अधिकतर नये बनाए गये एकाउंट्स से होते हैं।