अहमद अबुलग़ीत ने जोसेप बोरेल से टेलीफ़ोन पर बात करते हुए ज़ायोनी शासन की नीतियों और पश्चिमी तट के कुछ इलाक़ों को इस्राईल से मिलाने की उसकी कोशिशों की ओर से सावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में यूरोप का रुख़ बड़ा अहम है और ज़ायोनी शासन का यह क़दम, अप्रत्याशित नकारात्मक परिणामों का कारण बन सकता है और इसके फल स्वरूप पूरे क्षेत्र में संकट की आग भड़क सकती है। अरब लीग के महासचिव ने यूरोपीय संघ से मांग की है कि वह इस संबंध में अपनी ज़िम्मेदारी का आभास करते हुए ज़ायोनी शासन को इस प्रकार के षड्यंत्रों से दूर रखे।
ज्ञात रहे कि ज़ायोनी प्रधानमंत्री बेनयामिन नेतनयाहू ने सोमवार को घोषणा की है कि इस्राईल अधिकृत क्षेत्रों में पश्चिमी तट के कुछ इलाक़ों को शामिल करने की योजना को अगले महीने व्यवहारिक बनाया जाएगा। ज़ायोनी प्रधानमंत्री के इस बयान से पहले ही अनेक देशों व अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने इस्राईल को, जाॅर्डन नदी के पश्चिमी तटवर्ती इलाक़ों को ज़ायोनी शासन के अवैध अधिकृत क्षेत्र में शामिल किए जाने की साज़िश की ओर से चेतावनी दे दी थी।