24 अप्रैल 2020 - 13:40
युद्ध के मोर्चे पर उपस्थिति भी एक प्रकार की उपासना हैः अलहूसी

यमन के अंसारुल्लाह आन्दोलन के महासचिव ने युद्ध के मोर्चे पर उपस्थिति को उपासना समान बताया है।

अब्दुल मलिक अलहूसी ने कहा है कि देश की रक्षा के लिए युद्ध के मोर्चे पर उपस्थिति भी एक प्रकार की उपासना है।

यमन के अंसारुल्लाह आन्दोलन के महासचिव ने शुक्रवार को एक सभा में बोलते हुए कहा कि जो लोग देश की सुरक्षा के लिए मोर्चों पर मौजूद हैं वे एक प्रकर से उपासना जैसा काम कर रहे हैं।  अब्दुल मलिक अलहूसी ने साथ ही यमन के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा है कि रमज़ान के पवित्र महीने में वे लोगों की सहायता में भी बढ-चढ़कर भाग लें।

इससे पहले यमन के धर्मगुरुओं के संघ ने गुरुवार को सऊदी अरब और यूएई को सुझाव दिया था कि देर होने से पहले वे अंसारुल्लाह की ओर से पेश किए गए समाधान को क़ुबूल कर लें।इस संघ ने कहा था कि पवित्र रमज़ान के महीने में सऊदी अरब और यूएई दोनों ही यमन के बारे में अपने समीकरणों की फिर से समीक्षा करते हुए इस देश के बारेे में दुश्मनी भरे अपने दृष्टिकोण को सही करें।