स्पूतनिक समाचार एजेन्सी के अनुसार ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके बताया है कि ईरान की ओर से सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जाने की ख़बर चिंता जनक है। ब्रिटेन का दावा है कि ईरान का यह काम सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का खुला उल्लंघन है। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के बयान में आया है कि राष्ट्रसंघ ने ईरान से मांग की है कि परमाणु शस्त्रों को ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल के संदर्भ में गतविधियों को वह अंजाम न दे। ब्रिटेन के अनुसार ईरान को राष्ट्रसंघ की यह बात माननी चाहिए।
इससे पहले इसी विषय पर अमरीकी प्रतिक्रिया के संदर्भ में ईरान की रेवोलुशनरी गार्डकार्प आईआरजीसी के एरोनाटिकल विभाग के प्रमुख जनरल अमीर अली हाजीज़ादे ने कहा कि अमरीकियों और पश्चिम की चीख़ों से ज़ाहिर है कि पृथ्वी की कक्षा में सैटेलाइट भेज कर ईरान ने कितनी बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट बनाने और उसे अंतरिक्ष में भेजने के सारे चरण पूरे हो जाने के बाद तक अमरीकी इंटेलीजेन्स को इसकी भनक तक नहीं लगी। यही कारण है कि अमरीका और पश्चिम इससे बुरी तरह चौंक गए हैं।
उल्लेखनीय है कि आईआरजीसी ने बुधवार 22 अप्रैल को ‘नूर’ सैटलाइट को 425 किलोमीटर की ऊंचाई पर ज़मीन की कक्षा में भेजा। इस्लामी गणतंत्र ईरान का सैन्य आयाम वाला यह पहला सैटलाइट है।