हार्बिन शहर रूस की सीमा के नज़दीक है। इसके बाद अधिकारियों ने बुधवार को क्षेत्र में गतिविधियों पर रोक लगा दी है।
चीन का दावा है कि वह कोरोना वायरस को क़ाबू करने में कामयाब रहा है और उसके यहां मरने वालों की तादाद अमरीका और कई यूरोपीय देशों से कम है। हार्बिन शहर में कोरोना के बनते क्लस्टर के मद्देनज़र इस देश में कोरोना की दूसरी लहर का ख़तरा पैदा हो गया है।
वुहान के बाद हार्बिन शहर में कोरोना का क्लस्टर बना
कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में चीन का हीलॉन्जियांग प्रांत नया केन्द्र बनता नज़र आ रहा है। अस्ल में इस प्रांत में बाहर से आए लोगों में कोरोना पाया गया। इनमें ज़्यादातर विदेश से लौटने वाले चीनी नागरिक हैं। घरेलू संक्रमण की तादाद भी यहां बढ़ रही है जिसके बाद कई अधिकारियों को सज़ा दी गयी या उन्हें नौकरी से हटा दिया गया।
हार्बिन शहर में कोरोना के दो क्लस्टर के अस्पतालों से लिंक पाए गए हैं जिसके बाद इस शहर में बाहरी लोगों और गाड़ियों के रिहाइशी इलाक़ों में जाने पर रोक लगा दी गयी है। हार्बिन शहर में हर शख़्स के लिए मास्क लगाना ज़रूरी क़रार दिया गया है।
एक मरीज़ से 35 चपेट में
हार्बिन शहर के अधिकारियों ने बताया कि पिछले हफ़्ते 35 लोग शहर के दो अस्पताल काम करने या डाक्टर को दिखाने पहुंच थे। वे सभी 87 साल के एक मरीज़ से संक्रमित हुए हैं। नैश्नल हेल्थ कमिशन के मुताबिक़, बुधवार को हीलॉन्जियांग प्रांत में 537 कन्फ़र्म केस सामने आए हैं, जिनमें 384 लोग वे हैं जो बाहर से आए हैं। इस शहर की आबादी 1 करोड़ से ज़्यादा है। हीलॉन्जियांग प्रांत में स्कूलों और कालेजों को बंद कर दिया गया है।