इस टेलीफोनी वार्ता में कोरोना वायरस फैल जाने के कारण उन्होंने जायोनी शासन की जेलों में बंद फिलिस्तीनियों की जानों के प्रति चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जायोनियों ने ग़ज्ज़ा पट्टी को दुनिया की सबसे बड़ी जेल बना दिया है। न्यायपालिका प्रमुख आयतुल्लाह सैयद इब्राहीम रईसी ने महामुक्तिदाता इमाम महदी अलैहिस्सलाम के जन्म दिवस को मुसलमानों और समस्त मानवता के लिए आशा का दिन क़रार दिया और आशा जताई कि शीघ्र ही संघर्षकर्ताओं के हाथों फिलिस्तीन स्वतंत्र होगा। उन्होंने फिलिस्तीन विशेषकर गज़्ज़ा पट्टी की स्थिति पर विश्व समुदाय की चुप्पी की आलोचना करते हुए कहा कि यह चुप्पी इस बात की सूचक है कि विश्व के बहुत से देश अपने आर्थिक हितों के कारण मौन धारण किये हुए हैं। उन्होंने कहा कि जायोनियों के चंगुल से कुद्स, मस्जिदुल अक़सा और फिलिस्तीन की आज़ादी ईरानी जनता की सबसे बड़ी हार्दिक इच्छा है।
इस्माईल हनिया ने भी इस वार्ता में ईरान की न्यायपालिका प्रमुख का आभार व्यक्त किया। उन्होंने फिलिस्तीनी जनता के प्रति ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता और जनता के समर्थन की सराहना की। हनिया ने इस समर्थन को ईरानी राष्ट्र की जागरुकता का चिन्ह बताया और जायोनियों के मुक़ाबले में विजय मिलने तक उसे जारी रहने पर बल दिया।