10 अप्रैल 2020 - 13:45
युद्ध से पूरी तरह तबाह होने वाले यमन में कोरोना का पहला मामला, 90 फ़ीसद आबादी के संक्रमित होने का ख़तरा

युद्ध से पूरी तरह तबाह होने वाले यमन में कोरोना वायरस महामारी के पहले केस की पुष्टि होने के साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध ग्रस्त देश की 90 फ़ीसद आबादी संक्रमित हो सकती है।

शुक्रवार को कोविड-19 से मुक़ाबला करने वाली समिति का कहना है कि संक्रमण का पहला मामला सबसे बड़े प्रांतों में से एक हज़रामौत में सामना आया है।

अधिकारियों का कहना है कि मरीज़ की हालत स्थिर है और उसका इलाज किया जा रहा है।

ग़ौरतलब है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान यमन पर सऊदी सैन्य गठबंधन के हवाई हमलों ने इस देश को पूर्ण रूप से तबाह कर दिया है, जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने मानव इतिहास का सबसे भंयकर संकट क़रार दिया है।

लाखों बच्चे और महिलाएं सऊदी सैन्य गठबंधन की बमबारी और घेराबंदी से भूख के कारण मारे गए हैं और लाखों अन्य भूख का शिकार हैं।

अभी हाल ही में यमनी अधिकारियों ने सऊदी लड़ाकू विमानों पर कोरोना वायरस से संक्रमित फ़ेस मास्क और दस्ताने गिराने का आरोप लगाया था, ताकि जो युद्ध सऊदी अरब और उसके सहयोगी युद्ध के मैदान में नहीं जीत सके वह महामारी के प्रकोप से जीत लें।

हालांकि यमन में वायरस संक्रमण का यह पहला केस सामने आया है, जबकि सऊदी अरब में अब तक हज़ारों लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं, यहां तक कि सऊदी शाही परिवार के 150 से अधिक सदस्य संक्रमित बताए जा रहे हैं।

यमनी अधिकारियों ने पहले ही युद्ध के कारण देश की तबाह होने वाली स्वास्थ्य प्रणाली और वैश्विक महामारी के फैलने के गंभीर ख़तरे के प्रति चेतावनी दी थी।

यमन की राजधानी सना में स्वास्थ्य मंत्री ताहा अल-मुतवक्किल ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि देश भर के अस्पतालों में सिर्फ़ 1,500 बेड हैं।

अल-मुतवक्किल का कहना था कि अगर देश में महामारी फैलती है तो हमें पहले दो महीनों के दौरान ही 10 लाख बेड्स की ज़रूरत पड़ेगी। महामारी की सबसे ख़राब हालत को अगर नज़र में रखें तो कुछ ही हफ़्तों में 2 करोड़ 80 लाख लोग यानी देश की 90 प्रतिशत आबादी संक्रमित हो सकती है।

यमन के स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्र संघ और अन्य विश्व संगठनों से वेंटिलेटर्स और जीवन बचाने वाले अन्य ज़रूरी उपकरणों की आपूर्ति की मांग भी की।