6 अप्रैल 2020 - 13:11
ईरान ने अमरीका से किसी भी तरह की मेडिकल मदद की अपील नहीं कीः अब्बास मूसवी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात का ज़िक्र करते हुए कि ईरानी राष्ट्र और इस्लामी गणतंत्र अमरीकी अधिकारियों की बातों पर भरोसा नहीं करते, कहा है कि ईरान ने अमरीका से किसी भी तरह की मेडिकल मदद का निवेदन नहीं किया है।

सय्यद अब्बास मूसवी ने सोमवार को वीडियो कान्फ़्रेंसिंग के ज़रिए प्रेस कान्फ़्रेंस में कहा कि दुनिया के सभी राष्ट्र इस बात को मान रहे हैं कि अमरीकी पाबंदियां ग़ैर क़ानूनी व अन्यायपूर्व हैं। उन्होंने कहा कि अमरीकी एक ओर यह दावा कर रहे हैं कि मेडिकल उपकरण, दवा और खाद्य पदार्थ पर पाबंदी नहीं है, लेकिन उन्होंने व्यवहारिक रूप से इन चीज़ों के आने का रास्ता बंद कर रखा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात का ज़िक्र करते हुए कि कुछ देश कोरोना वायरस के फैलाव का दुरुपयोग करना चाहते हैं, कहा कि ईरान दुनिया के सभ्य व स्वाधीन देशों से अपील करता है कि वह अमरीका की ग़ैर क़ानूनी व अन्यायपूर्ण पाबंदियों पर ध्यान न दें और न ही उसे लागू करें ताकि एक दूसरे की मदद से इस मुश्किल से छुटकारा मिले।

उन्होंने कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहे दुनिया के सभी राष्ट्रों व सरकारों से हमदर्दी जतायी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 30 से ज़्यादा देशों और कुछ अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने कोरोना वायरस से निपटने में ईरान की मदद की है।

सय्यद अब्बास मूसवी ने ईरान में रह रहे विदेशी नागरिकों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर ईरान के व्यवहार के बारे में कहा कि अगर ये लोग उपचार केन्द्र जाएं तो उनका इलाज मानवीय आधार पर मुफ़्त किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कोरोना वायरस के फैलने के बाद ईरान, यूएई और सऊदी अरब के संबंध में बदलाव की उम्मीद जताते हुए कहा कि कोरोना वायरस ने क्षेत्रीय सरकारों और राष्ट्रों को यह सोचने और समझने पर मजबूर कर दिया है कि इस वायरस से निपटने के साथ साथ हिंसा और चरमपंथ जैसे वायरसों से निपटने के लिए एक दूसरे से सहयोग करना चाहिए।

सय्यद अब्बास मूसवी ने ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के एक दूसरे के 2 कूटनयिक निकालने पर आधारित ख़बरों के बारे में कहा कि दोनों देशों के एक दूसरे से अच्छे संबंध हैं और कूटनयिकों की तादाद का कम या ज़्यादा होना, एक आम बात है जिसकी अनेक वजह हो सकती है।