विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि एशिया पैसिफ़िक के देशों में कोरोना वायरस तेज़ी से बढ़ सकता है।
डब्लू एचओ के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि एशियन देशों विशेषकर उन देशों में जहां पर कोरोना वासरस से प्रभावितों की संख्या घट रही है वहां पर इसके फिर फैलने की संभावना पाई जाती है। उनका कहना था कि एशिया पैसिफ़िक के जिन देशों में कोरोना का प्रभाव कम हो रहा है वहां पर कोरोना के वापस आने की संभावना अभी बनी हुई है। एसे में पूरी तरह से सावधान रहने की ज़रूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एशिया पैसिफ़िक क्षेत्र के प्रभारी ताकीशी कासाई ने बताया है कि इस क्षेत्र के देशों को कोरोना पर नियंत्रण करने के बाद भी बहुत सावधान रहना चाहिए क्योंकि यह वायरस फिर से उन क्षेत्रों में फैल सकता है।
ज्ञात रहे कि यूरोपीय देशों और अमरीका के मुक़ाबले में इस समय चीन, दक्षिणी कोरिया, उत्तरी कोरिया, मालदीव, बांग्लादेश, जापान, श्रीलंका, अफ़ग़ानिस्तान, वियतनाम, सिंगापूर, मंगोलिया और तुर्कमनिस्तान जैसे देशों में कोरोना वायरस से प्रभावित होकर मरने वालों की संख्या कम बताई गई है।
उल्लेखनीय है कि चीन के वुहान नगर से पूरी दुनिया में फैलने वाला कोरोना वायरस अब महामारी का रूप धारण कर चुका है। संसार के 200 से अधिक देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। वर्तमान समय में यूरोप और अमरीका इससे सर्वाधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। भारत में भी कोरोना से संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। वहां पर 24 मार्च से लाकडाउन कर दिया गया है। भारत में अबतक कोरोना से प्रभावितों की संख्या 1251 है जबकि संसार में इसके प्रभावित लगभग 788039 बताए जा रहे हैं।