25 मार्च 2020 - 12:58
बिल्कुल अलग अंदाज़ में कोरोना से निपट रहा है स्वेडन, रेस्टोरेंट और स्कूल भी खुले हैं, बाहर निकलने की सलाह भी दी जा रही है!

कोरोना वायरस से निपटने के लिए स्वेडन बिल्कुल अलग शैली पर काम कर रहा है जिसके कारण जनमत के स्तर पर यह बहस छिड़ गई है कि स्वेडन की सरकार जो कुछ कर रही है वह कोरोना को क़ाबू में करने के लिए पर्याप्त है या नहीं?

दुनिया के अन्य देश अपने नागरिकों को घर में रहने और आइसोलेशन का सुझाव दे रहे हैं बल्कि सैन्य बल का प्रयोग करके अपने कार्यक्रमों को कड़ाई से लागू कर रहे हैं मगर स्वेडन ने अपने स्कूल और रेस्टोरेंट खुले रखे हैं।

देश के प्रधानमंत्री स्टीफ़न लोविन ने टीवी पर प्रसारित होने वाले अपने भाषण में देशवासियों से कहा है कि सब ज़िम्मेदारी का आभास करें और एक साथ एकत्रित न हों। स्वेडन ने 500 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगाई है।

स्वेडन की राजधानी में रेस्टोरेंट भरे नज़र आए और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी सामान्य रूप से काम कर रहा था।

स्वेडन का मीडिया सवाल कर रहा है कि कोरोना के मामले में यह शैली क्यों अपनाई जा रही है? सरकार का कहना है कि वह स्वास्थ्य मंत्रालय के सुझावों का पालन कर रही है और स्वास्थ्य मंत्रालय ने वृद्ध लोगों को घर में रहने के लिए कहा है बच्चों को नहीं इसलिए हमने स्कूलों को खुला रखा है।

वैसे स्वेडन की सरकार ने विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया है। कुछ विशेषज्ञ सरकार की आलोचना कर रहे हैं कि वह कोरोना के मामले में सतर्कता नहीं बरत रही है।

स्वेडन के एक वैज्ञानिक और महामारी विशेषज्ञ यूहान जैसीकी ने तो यहां तक कहा कि आम नागरिकों को चाहिए कि बाहर निकलें और धूप लें। उन्होंने कहा कि बाहर निकलिए और धूप में बैठिए, घर के भीतर बैठने से यह बहुत बेहतर है बस यह ज़रूरी है कि दूसरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखिए।

स्वेडन में अब तक कोरोना के 2016 मरीज़ हैं और 25 की मौत हुई है। इस देश की आबादी लगभग एक करोड़ है।