अमरीकी विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता मोरगन ओरटग्स ने एक बयान में ईरान की मदद के लिए अमरीकी अधिकारियों के दावे के बारे में वरिष्ठ नेता के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
ईरान के विदेशमंत्रालय के ट्वीटर हैंडल पर आया है कि अगर कोरोना वायरस के बारे में अमरीकी सरकार पर दुनिया की ओर से लगाया जाने वाला आरोप, ईरान की ओर से पेश की गयी थ्योरी है तो ज़्यादा दूर जाने की ज़रूरत नहीं है बल्कि सिर्फ़ ग्लोबल रिसर्च के कुछ सालों का जवाब दे दें।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने रविवार को अपने भाषण में ईरान द्वारा अपील किए जाने की स्थिति में चिकित्सकीय और दवाओं की मदद देने की तैयारी पर आधारित अमरीकी अधिकारियों के बारम्बार बयानों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीकियों के बयान बहुत अजीबो ग़रीब हैं क्योंकि उन्हें ख़ुद ही बीमारी की रोक थाम के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कमी का सामना है और कुछ अधिकारियों ने तो स्पष्ट रूप से इस भयावह कमी को स्वीकार किया है, इसलिए उनके लिए अगर संभव है तो अपनी जनता का ही ख़याल रखें।
उन्होंने कहा कि जब अमरीकियों पर कोरोना वायरस बनाने का आरोप लग रहा हो तो कौन समझदार इन्सान है जो इस देश की मदद स्वीकार करे।
ज्ञात रहे कि ग्लोबल रिसर्च ने 21 मार्च को अपने एक लेख में जिसका शीर्षक था, अमरीका से दस सवाल, कोरोना कहां से आया था? जैसे सवाल अमरीकी अधिकारियों से पूछे हैं।