इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने रविवार को ईरान के नेश्नल टेलीवीजन से प्रसारित अपने लाइव भाषण में ईरान द्वारा अपील किए जाने की स्थिति में चिकित्सकीय और दवाओं की मदद देने की तैयारी पर आधारित अमरीकी अधिकारियों के बारम्बार बयानों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीकियों के बयान बहुत अजीबो ग़रीब हैं क्योंकि उन्हें ख़ुद ही बीमारी की रोक थाम के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कमी का सामना है और कुछ अधिकारियों ने तो स्पष्ट रूप से इस भयावह कमी को स्वीकार किया है, इसलिए उनके लिए अगर संभव है तो अपनी जनता का ही ख़याल रखें।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अमरीकियों के बयान स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संभव है कि अमरीकी ऐसी दवाएं भेजें जो ईरान में और भी वायरस फैलाए और वायरस को ख़त्म होने से रोके, या संभव है कि ऐसे लोगों को उपचारक के रूप में भेज दो जो देखें कि इस वायरस का कितना प्रभाव है क्योंकि यह कहा जा रहा है कि इसमें से कुछ वायरस विशेष रूप से ईरान के लिए बनाए गये हैं।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि बुद्धि, युक्ति और परामर्श के साथ धैर्य और प्रतिरोध हो तो निश्चित रूप से विजय हासिल होगी। उन्होंने कहा कि धैर्य और संयम का अर्थ झुकना नहीं है, कमज़ोरी और टूटना नहीं है बल्कि पूरी शक्ति, साहस और युक्ति के साथ दुश्मनों का गरेबान पकड़ लेना और उस पर विजय हासिल करना है।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने पिछले 40 वर्षों के अनुभवों और समस्त समस्याओं और चुनौतियों से मुक़ाबले के लिए देश की अपार क्षमताओं की ओर संकेत किया और ईरानी राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश के पास अपार क्षमताएं हैं किन्तु महत्वपूर्ण यह है कि अधिकारी इन क्षमताओं को पहचानें और समस्त क्षेत्रों में धर्म का पालन करने वाले और जोश से भरे युवाओं की क्षमताओं से लाभ उठाएं।
वरिष्ठ नेता ने एक बार फिर समस्त लोगों को कोरोना वायरस को गंभीरता से लेने और कोरोना से संघर्ष के राष्ट्रीय आयोग के अधिकारियों के निर्देशों पर अमल करने की सिफ़ारिश की और आशा व्यक्त की कि ईश्वर यथाशीघ्र महामारी को ईरानी राष्ट्र, दुनिया के राष्ट्रों और सारे इन्सानों से दूर करे।