19 मार्च 2020 - 18:28
बिन सलमान के आत्मघाती फैसले! इस तरह से सिर्फ 3 बरसों में सऊदी अरब हो जाएगा कंगाल!

अमरीका की ऑयल प्राइस वेबसाइट ने सऊदी अरब और तेल निर्यात करने वाले देशों के संगठन ओपेक के सदस्य देशों द्वारा अमरीकी तेल के खिलाफ उठाए जाने वाले क़दमों का ज़ायज़ा लिया और कहा है कि जो कुछ हो रहा है उससे सऊदी अरब और उसके घटक, निर्धनता के भंवर में फंस जाएंगे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी अरब पहले भी तेल की प्रतिस्पर्धा में आत्मघाती क़दम उठा चुका है जिससे उसे काफी नुक़सान हुआ था

अमरीका ने तेल की क़ीमत घटा कर जो हालिया प्रतिस्पर्धा शुरु की है उसके बारे में अब सऊदियों को भी पता चल चुका है कि उनसे भयानक गलती हुई है। अमरीका आधुनिक तकनीक की मदद से सस्ते में तेल निकाल रहा है और सऊदी अरब के इस क़दम की वजह से अमरीका ने अपने तेल के कुओं को प्रयोग करने और सऊदी तेल पर निर्भरता कम करने का फैसला किया जिसका पूरा का पूरा नुक़सान सऊदी अरब को हो रहा है।  

रिपोर्ट के मुताबिक़  अतीत में सऊदी अरब ने अपनी इस नीति  की वजह से स्वंय और तेल निर्यात करने वाले देशों को 450 अरब डॉलर की चपत लगायी थी जिसकी भरपाई अब तक नहीं हो पायी है, लेकिन सऊदी अरब ने अतीत से सबक़ न लेते हुए तेल की नयी जंग शुरु कर दी है ।

अब अगर सऊदी अरब अपनी नीति जारी रखते हुए तेल का उत्पादन इसी तरह से बढ़ाए रखता है तो केवल तीन या चार बरसों में वह सब कुछ गंवा देगा और गरीब देशों में शामिल हो जाएगा। तेल की क़ीमत  कम करने के लिए सऊदी अरब जो उत्पादन ज़्यादा कर रहा है फिलहाल इसका सीधा फायदा अमरीका को मिल रहा है। तेल की क़ीमत कम होने से पूरी दुनिया की तरह अमरीका मे पेट्रोल की क़ीमतों में कमी आएगी जिसका सीधा फायदा ट्रम्प को अगले चुनाव में होगा।

जहां तक रूस का मामला है तो इस युद्ध से सऊदी अरब उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा क्योंकि उसने पहले ही अपने बजट में तेल की कम क़ीमत का अनुमान लगाया है। बाज़ार में चीन की वापसी के बाद अगर तेल की क़ीमत चालीस डॉलर प्रति बैरल पर टिक गयी तो रूस के लिए यह अच्छा होगा और अगर यह नहीं हुआ तो भी रूस के लिए यह खुशी की बात होगी कि सऊदी अरब ने एक दशक के भीतर ही दुनिया में अपने सब से बड़ी घटक यानि अमरीका के खिलाफ दो बार आर्थिक युद्ध शुरु किया है।

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब सऊदी अरब के वास्तविक शासक और क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को कोई संकटों और चुनौतियों का सामना है जिसका अनुमान ,हालिया दिनों में इस देश में होने वाली बड़ी बड़ी गिरफ्तारियों से लगाया जा सकता है।  

इन हालात में क्राउन प्रिंस बिन सलमान, अपने देश को निर्धनता की खाईं में ढकेल रहे हैं लेकिन इस हालत में भी यह विश्वास के साथ नहीं कहा जा सकता कि वह दुनिया में अपने एक मात्र मित्र यानि अमरीका को सच में स्वंय से दूर कर रहे है। अब जो भी यह निश्चित है कि वर्तमान परिस्थितियों में अमरीका और रूस खुश होंगे और बिन सलमान के अंजाम पर नज़र रखे हैं।