दिल्ली के शाहीन बाग़ में दिसम्बर 2019 से महिलाएं मुसलमानों के साथ भेदभाव करने वाले नागरिकात के क़ानून सीएए के ख़िलाफ़ धरने पर बैठी हैं, जिसके बाद उनका अनुसरण करते हुए देश में 300 से भी ज़्यादा जगहों पर महिलाएं धरना दे रही हैं।
इस दौरान, उत्तरी दिल्ली समेत सीएए के ख़िलाफ़ धरना देने वाली महिलाओं और प्रदर्शनकारियों को बड़ी क़ुर्बानियां भी देनी पड़ी हैं। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की आवाज़ को कुचलने के लिए हिंदुत्वावादी दंगाईयों ने पुलिस की सहायता से 50 से ज़्यादा निर्दोषों की जान ले ली और सैकड़ों घरों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया।
लेकिन इनमें से कोई भी अत्याचार, सीएए के ख़िलाफ़ धरना दे रही मुस्लिम महिलाओं को अपने और अपनी आने वाली नस्लों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने से नहीं रोक सका।
अब दुनिया भर के देशों के साथ ही भारत भी कोरोना के 107 मामलों और कम से कम 3 मौतों के साथ धीरे धीरे इस महामारी की चपेट में आ रहा है। निश्चित रूप से इस महामारी ने प्रदर्शनकारियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया होगा कि ऐसी स्थिति में वे क्या करें?
इसलिए कि कोरोना के फैलने का सबसे बड़ा ज़रिया किसी एक जगह अधिक लोगों का हुजूम है। ऐसे में धरना स्थलों के संचालन के लिए बड़ी चुनौती उत्पन्न हो गई है।
इसके बावजूद, अभी भी हज़ारों महिलाएं धरना स्थलों पर डटी हुई हैं और उनमें से अधिकांश का तो यह कहना है कि न ही कोरोना और न ही दुनिया की कोई महामारी हमें नहीं रोक सकती। हम अपने अधिकारों के लिए हर हालत में लड़ते रहेंगे। कई प्रदर्शनकारी एक साथ नारा लगाते हुए कहते हैः कोरोना वायरस हमें डरा नहीं सकता, हम हर ख़ौफ़ पर जीत हासिल करके यहां बैठे हैं।
लेकिन हर कोई इसी तर्ज़ पर नहीं सोच रहा है। कुछ लोग कुछ समय के लिए धरना बंद करने और ज़िम्मेदाराना व्यवहार करने की भी मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि अगर आप इसी तरह से महामारी की चपेट में आकर अपनी जान दे देंगे, तो किसी तरह अपने हक़ के लिए लड़ेंगे और आने वाली नस्लों के अधिकारों को सुनिश्चित करेंगे।
यहां सरकार की सबसे अहम ज़िम्मेदारी है कि वह आगे आए और पूरी गंभीरता से सीएए और एनआरसी विरोधियों की बातों को सुने और उन्हें उनकी तार्किक मांगों को पूरा करने का आश्वसन दे, ताकि लोग अपने घरों को वापस लौट सकें। इसलिए कि यह महामारी है और यह किसी तरह की भौगोलिक, राजनीतिक या धार्मिक सीमाओं को नहीं मानती है और सभी के साथ एक सा व्यवहार करती है।