संचार माध्यमों के अनुसार सार्क देशों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग मेंभारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमने जनवरी के मध्य से ही भारत में प्रवेश करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी जबकि यात्रा पर धीरे-धीरे प्रतिबंध भी बढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने कमजोर समूहों तक पहुंचने के लिए विशेष प्रयास किए हैं।
भारत के प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमने विभिन्न देशों से लगभग 1400 भारतीयों को निकाला। उनका कहना था कि हमने अपने पड़ोसी देशों के कुछ नागरिकों की भी मदद की। नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जैसा कि हम सभी जानते हैं, कोविड-19 को हाल ही में डब्लूएचओ द्वारा वैश्विक महामारी घोषित किया गया है। अबतक, हमारे क्षेत्र ने 150 से कम मामलों को सूचीबद्ध किया है लेकिन हमें सतर्क रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने सार्क देशों को संबोधित किया। अपने संबोधन में मालदीव के राष्ट्रपति ने कहा कि मैं भी अपना संबोधन कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई इस कांफ्रेंसिंग के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि कोई भी देश अपने आप में वायरस का मुकाबला करने में सफल नहीं हो सकता है।
सार्क वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि हमें कोरोना वायरस से लड़ने के उद्देश्य से टेली-मेडिसिन के लिए एक सामान्य ढांचा तैयार करना चाहिए। अफगान राष्ट्रपति ने कहा कि जैसा की हम जानते हैं कि भारत सार्क और शंघाई सहयोग संगठन दोनों का हिस्सा है, इसलिए वह सार्क और शंघाई सहयोग संगठन के बीच समन्वय स्थापित कर सकता है। इस विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग और पाकिस्तान की तरफ से वहां के स्वास्थ्य राज्य मंत्री जफर मिर्जा शामिल हुए।