ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के नेता बेनी गैंट्ज़ द्वारा सोमवार को की गई यह घोषणा नेतनयाहू के लिए एक बड़ा झटका है, इसलिए कि पिछले हफ़्ते आयोजित हुए आम चुनाव के बाद तथा अगले हफ़्ते उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोपों पर सुनवाई शुरू होने से पहले सत्ता बचाए रखने के लिए वह काफ़ी हाथ पैर मार रहे हैं।
गैंट्ज़ का कहना था कि यिसराइल बीतीनू पार्टी के नेता एविगोड लिबरमैन से उनकी मुलाक़ात अच्छी रही।
उन्होंने कहाः हमने कुछ सैद्धांतिक मुद्दों पर बातचीत की और एक साथ मिलकर नई सरकार के गठन का फ़ैसला लिया, ताकि इस्राईल को राजनीतिक गतिरोध से निकाल सकें और चौथे चुनाव को टाल सकें।
ग़ौरतलब है कि 2 मार्च को पिछले एक साल के दौरान, इस्राईल में तीसरा चुनाव आयोजित हुआ, लेकिन इस चुनाव में भी किसी भी ज़ायोनी पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हो सका है। हालांकि नेतनयाहू की दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी एक बार फिर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।