एंजेला मर्केल की इस भविष्यवाणी ने अगर कुछ नहीं तो कम से कम चेक के प्रधानमंत्री को क्रोधित कर दिया है, जिन्होंने चेतावनी दी है कि इस तरह के बयानों से लोगों में आतंक फैल रहा है।
बाबिस चांसलर मर्केल की इस भयावह टिप्पणी से प्रभावित नहीं हुए कि कोविड-19 का प्रकोप तेज़ी से फैल रहा है और उसने यूरोप को अपनी चपेट में ले लिया है, तथा सभी को इस सच्चाई का सामना करना चाहिए।
आंद्रेज बाबिस ने कहा, मैं जर्मनी की स्थिति पर टिप्पणी करना नहीं चाहता था, लेकिन मेरा मानना है कि इस तरह के बयानों से दहशत फैलेगी।
मर्केल ने विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा था कि इस बीमारी से लड़ने के लिए अभी तक कोई टीका तैयार नहीं किया जा सका है और स्थिति अगर यही रही तो 60 से 70 प्रतिशत आबादी संक्रमित हो सकती है।
जर्मन चांसलर की इस भविष्यवाणी से पहले जर्मनी के प्रतिष्ठित रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट के प्रमुख लोथर विलर ने दावा किया था कि निश्चित रूप से यहां और अधिक लोगों की जानें जायेंगी।
मर्केल का कहना था कि अगर सरकार संकट से ठीक से नहीं निपटती है, तो सबसे ख़राब स्थिति सामने आएगी। वायरस फैलने की गति को धीमा करना, समय हासिल करने की सबसे अच्छी रणनीति है।
रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, जर्मनी में वायरस के 1,296 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है।