तसनीम समाचार एजेन्सी को दिये अपने साक्षात्कार में दिल्ली की शिया जामा मस्जिद के इमाम अल्लामा मोहसिन तक़वी ने कहा है कि भारत के मुसलमानों के समर्थन में ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का बयान बहुत प्रभावी रहा है। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने बहुत ही सही समय पर अपने समर्थन की घोषणा की जिसका मुसलमानों ने स्वागत किया है।
अल्लामा मोहसिन तक़वी ने कहा कि आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने जिस प्रकार से भारत के मुसलमानों का समर्थन किया है, निःसन्देह, मुसलमानों को बहुत प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमानों का इस्लामी गणतंत्र ईरान से निकट का संबन्ध है। अल्लामा मोहसिन तक़वी का कहना था कि वर्तमान संवेदनशील समय में ईरान की ओर से उसूली नीति अपनाने से सारे ही मुसलमान सहमत हैं। उनका कहना था कि हो सकता है कि कुछ राजनेता अपने निजी हितों के कारण इस दृष्टिकोण का समर्थन करते न दिखाई दें किंतु भारत के मुसलमान, ईरान के दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं।
अल्लामा मोहसिन तक़वी ने कहा कि भारत के मुसलमानों को सऊदी अरब जैसे देश के समर्थन की कोई आवश्यकता नहीं है। उनका कहना है कि उनको सऊदी अरब से इसलिए कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि सऊदी अरब कभी भी कोई एसी नीति नहीं अपनाएंग जो अमरीकी हितों से टकराव रखती हो। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि इस्लामी कांफ़्रेंस संगठन ओआईसी ने भी दिल्ली की सांप्रदायिक हिंसा में मुसलमानों के समर्थन में बयान जारी किया।
उल्लेखनीय है कि भारत की राजधानी दिल्ली में हालिया दिनों में हुए मुसलमानों के जनसंहार पर अपनी प्रतिक्रिया में इस्लामी गणतंत्र ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने भारत सरकार पर ज़ोर दिया कि वह मुसलमानों का जनसंहार बंद करवाए। वरिष्ठ नेता ने कहा कि भारत में मुसलमानों के जनसंहार पर दुनिया भर के मुसलमानों के दिल आहत हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि वह चरमपंथी हिंदुओं और उनके समर्थक संगठनों पर अंकुश लगाए और मुसलमानों की हत्याएं बंद करवाकर ख़ुद को इस्लामी जगत में अलग-थलग पड़ने से बचाए।