ईरान के इस प्रभावशाली संगठन ने भारत में मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि भारतीय मुसलमानों को अलग-थलग करने की हिंदुत्ववादियों की कोशिश सफल नहीं होगी और मोदी सरकार को दुनिया भर के मुसलमानों तथा स्पतंत्रता प्रेमियों के क्रोध से बचना चाहिए।
देश भर के जुमा की नमाज़ पढ़ाने वाले इमामों के संगठन द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि भारत एक महान देश है, लेकिन आजकल इस देश में बहुत ही दुखद घटनाएं घट रही हैं, जिससे हर इंसान ख़ास तौर से मुसलमानों के दिलों पर चोट लगी है।
इस देश का इतिहास, मुसलमानों की संस्कृति से गुथा हुआ है, जिसने इसके विगत को उज्जवल कर रखा है।
भारतीय मुसलमानों ने साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष किया और महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश की स्वाधीनता के लिए अहम भूमिका निभाई।
भारतीय मुसलमानों ने अपने दूसरे देश वासियों के साथ शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत किया है और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
लेकिन दुर्भाग्यवश पिछले कुछ वर्षों से ब्रिटिश साम्राज्य का अनुसरण करते हुए कुछ शक्तियां इस देश में फूट डालो और राज करो की नीति पर चल रही हैं और संकीर्ण सोच के दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी उनके बहकावे में आकर मुसलमानों पर अत्याचार कर रहे हैं और उनके घरों को उजाड़ रहे हैं।
अब धर्म के आधार पर भेदभाव वाला तथा नस्लवाद को बढ़ावा देने वाला क़ानून पारित करके करोड़ों इंसानों विशेषकर मुसलमानों की नागरिकता छीने जाने और उन्हें उनके वतन से बाहर निकालने की साज़िश रची जा रही है।
सबसे अफ़सोसनाक बात यह है कि इस साज़िश में अमरीका और इस्राईल का हाथ देखा जा सकता है।