इराक़ के हिज़्बुल्लाह संगठन ने एक बयान जारी करके कहा है कि बग़दाद के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रतिरोध के मोर्चे के शहीदों पर आतंकी हमले में इराक़ के गुप्तचर विभाग के प्रमुख का हाथ है। बयान में कहा गया है कि इराक़ के कुछ सुरक्षा बलों ने ईरान के इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के प्रमुख क़ासिम सुलैमानी और इराक़ के स्वयं सेवी बल अलहशदुश्शाबी के उप कमांडर अबू महदी अलमुहंदिस समेत प्रतिरोध के शहीदों की हत्या में अमरीका से सहयोग किया था।
इराक़ के हिज़्बुल्लाह संगठन के इस बयान में कहा गया है कि इससे पहले प्रतिरोध के शहीदों पर आतंकी हमले में इराक़ के गुप्तचर विभाग के प्रमुख मुस्तफ़ा काज़ेमी का हाथ होने के बारे में शक था लेकिन मंगलवार को सुरक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से मिलने वाली सूचना के बाद शक की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है। इराक़ी हिज़्बुल्लाह का कहना है कि बग़दाद हवाई अड्डे के क़रीब जो ऐतिहासिक अपराध हुआ, वह देश की तीनों पालिकाओं में से एक की सूचना से हुए है और उसने इस कायरतापूर्ण कार्यवाही में मदद की है।
इराक़ के हिज़्बुल्लाह संगठन ने अपने बयान में कहा है कि उसके पास इस आतंकी हमले के बारे में कुछ अहम सूचनाएं हैं जिसे वह सिर्फ़ अंतरिम प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल महदी के देने के लिए तैयार है। इराक़ के गुप्तचर विभाग ने हिज़्बुल्लाह के इस दावे के जवाब में एक बयान जारी करके बग़दाद हवाई अड्डे पर हुए आतंकी हमले में किसी भी प्रकार से लिप्त होने से इन्कार किया है। उसके बयान में कहा गया है कि इस प्रकार के दावे, देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं। इराक़ी गुप्तचर विभाग ने अपने बयान में अपने प्रमुख मुस्तफ़ा काज़ेमी का बचाव करते हुए प्रतिरोध के शहीदों की हत्या की कार्यवाही में उनके लिप्त होने के दावे को उनका अपमान बताया है।