4 मार्च 2020 - 14:14
ट्रम्प पर ख़ाशुक़्जी की हत्या की जानकारी आम करने के लिए दबाव, क्या ऐसा होगा या अमरीका फिर सऊदी अरब से पैसे ऐंठ कर कुछ दिन ख़ामोश

अमरीकी कांग्रेस इस देश के राष्ट्रपति से पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की गोपनीय तरीक़े से की गयी हत्या की जानकारी को आम करने के मांग कर रही है।

सीएनएन के मुताबिक़, अमरीकी सिनेट में गुप्तचर कमेटी के रिपब्लिकन प्रमुख रिचर्ड बर और इस कमेटी में डेमोक्रेट सदस्य मार्क वार्नर ने अमरीका के राष्ट्रीय गुप्तचर विभाग के प्रमुख को ख़त लिखकर इस विभाग के पास सऊदी अरब के आलोचक पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या के बारे में जो गुप्त जानकारी है, उसे आम करने और इस हत्या के ज़िम्मेदार के बारे में अमरीका की गुप्तचर संस्थाओं की ओर से समीक्षा होने की मांग की है।

बर और वार्नर ने अमरीकी सरकार से मांग की कि वह ख़ाशुक़्जी की हत्या के बारे में जानकारी आम करने के लिए एक रिपोर्ट प्रकाशित करे।

यह ख़त, अमरीकी प्रतिनिधि सभा में गुप्तचर कमेटी के डेमोक्रेट प्रमुख एडम शेफ़ की ओर से इस देश की ट्रम्प सरकार पर ख़ाशुक़्जी की हत्या के बारे में अमरीकी गुप्तचर संस्थाओं की सूचनाओं को आम करने के लिए डाले गए दबाव के एक हफ़्ते बाद, भेजा गया है।

तुर्की के इस्तांबूल शहर में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या के डेढ़ साल गुज़रने के बाद भी अमरीकी सरकार इस हत्या के बारे में गुप्तचर संस्थाओं की जानकारी को आम नहीं कर रही है, जिसकी वजह से सिनेट और प्रतिनिधि सभा की गुप्तचर कमेटियां सरकार पर दबाव डाल रही हैं कि वह इस हत्या के बारे में जानकारी आम करे।

जमाल ख़ाशुक़्जी को 2 अक्तूबर 2018 को इस्तांबूल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास के भीतर बड़ी निर्ममता से क़त्ल कर दिया गया। वह सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान के बड़े आलोचक थे।

उनकी हत्या की घटना के बारे में रियाज़ 18 दिनों तक ख़ामोश रहा और इसका इंकार करता रहा यहां तक कि तुर्क सरकार और अमरीका की गुप्तचर संस्था सीआईए ने इस बात की पुष्टि की कि जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या सऊदी युवराज के सीधे आदेश से हुयी थी।