बोर्ड का कहना है कि उसे उम्मीद है कि तुर्की समझदारी दिखाएगा और अंकारा के हितों के साथ ही दमिश्क़ के हितों पर भी ध्यान देगा।
ईरानी सैन्य सलाहकार बोर्ड ने तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान को चेतावनी देते हुए कहा है कि तुर्क राष्ट्र को यह समझ लेना चाहिए कि उनके बेटे पिछले कई महीनों से हमारी रेंज में हैं, हम उनसे बदला ले सकते थे, लेकिन अपने कमांडरों के आदेशों का पालन करते हुए हमने ऐसा नहीं किया।
ग़ौरतलब है कि अंकारा ने उत्तरी सीरियाई प्रांत इदलिब में आतंकवादियों की मदद करने के लिए सीधे सीरिया में हस्तक्षेप करके सीरियाई सेना की प्रगति को रोकने का प्रयास किया है।
इदलिब में सीरिया और तुर्की की सेनाएं आमने-सामने हैं और इस क्षेत्र में फिर एक नया भीषड़ युद्ध भड़क जाने की आशंका है।
तुर्की ने इदलिब से बाहर निकल जाने के लिए सीरियाई सेना को 29 फ़रवरी का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन दमिश्क़ का कहना है कि तुर्की जो ग़ैर क़ानूनी रूप से सीरियाई सीमा में घुस आया है, उसे सीरियाई सेना को अपने ही देश के एक भाग से निकलने के लिए कहने का कोई अधिकार नहीं है।
वहीं, रूस से तुर्की और सीरिया के बीच से निकल जाने की मांग करने वाले तुर्क राष्ट्रपति मास्को का दो टका सा जवाब सुनकर गहरी चिंता में हैं और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मिलने के लिए 5 मार्च को मास्को जा रहे हैं।
अर्दोगान का कहना है कि वह बड़ी उम्मीदें लेकर मास्को जा रहे हैं, हालांकि इस बात की कम ही संभावना है कि रूस, तुर्की समर्थित आतंकवादियों के ख़िलाफ़ कोई नर्म रुख़ दिखाएगा।