इस्लामी जेहाद आंदोलन की सैन्य शाखा क़स्साम ब्रिगेड ने एक बयान में कहा कि यह हमला रविवार को फ़िलिस्तीनी जवान मोहम्मद नाएम की शहादत और उनके शव के किए गए अनादर के जुर्म में यह हमला किया गया। क़ुद्स ब्रिगेड ने इस जुर्म के जवाब में ग़ज़्ज़ा के आस-पास अवैध रूप से इस्राईल द्वारा बनायी गयी कालोनियों पर 20 रॉकेट बरसाए जिससे अतिग्रहित फ़िलिस्ती के दक्षिणी भाग में ख़तरे का सायरन बजने लगा। फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध संगठन की इस जवाबी कार्यवाही से ज़ायोनियों डर फैल गया।
ग़ौरतलब है कि रविवार को ज़ायोनी सैनिकों ने दक्षिणी ग़ज़्ज़ा में फ़िलिस्तीनी जवान मोहम्मद नाएम को शहीद करने के बाद, उनके शव पर बुल्डोज़र चढ़ा कर उसके टुकड़े टुकड़ कर दिए थे।