उन्होंने सोमवार को कहा कि विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की साबरमती आश्रम की यात्रा के दौरान ही महात्मा गांधी की विरासत को याद किया जाता है।
महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा ने ट्वीट किया कि एक ओर दिल्ली जल रही है और 80 लाख कश्मीरी अपने अधिकारों से वंचित हैं वहीं दूसरी ओर "हाई टी" और "नमस्ते ट्रम्प" का आयोजन हो रहा है।
उनका कहना था कि विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की साबरमती आश्रम की यात्रा के दौरान ही महात्मा गांधी की विरासत को याद किया जाता है, उनके मूल्य काफ़ी पहले ही भुला दिए गए हैं।
ज्ञात रहे कि भारत की केन्द्र सरकार ने पिछले वर्ष पांच अगस्त को जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को समाप्त कर दिया और फ़ारूक़ अब्दुल्लाह और उनके बेटे उमर अब्दुल्लाह और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता महबूबा मुफ़्ती सहित दर्जनों राजनेताओं को नज़रबंद कर दिया था। फ़ारूक़ अब्दुल्लाह, उमर अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती को पीएसए के तहत नज़रबंद किया है। (AK)