न्यूज़ एजेंसी वफ़ा के मुताबिक़, ज़ायोनी सैनिकों ने ग़ज़्ज़ा को अतिग्रहित इलाक़े से अलग करने वाली बाड़ के पास 2 फ़िलिस्तीनियों को गोली मार कर शहीद कर दिया और कई फ़िलिस्तीनी उस वक़्त घायल हुए जब उन्होंने उस इस्राईली बुलडोज़र को रोकने की कोशिश की जो शहीद फ़िलिस्तीनियों के शव का अनादर कर रहा था।
ज़ायोनी सेना ने दावा किया कि रविवार की सुबह ख़ान यूनुस के पूरब में स्थित बाड़ के किनारे आईईडी लगा रहे थे।
वफ़ा न्यूज़ के मुताबिक़, इन हत्याओं के बाद एक इस्राईली बक्तरबंद बुलडोज़र ग़ज़्ज़ा की बाड़ को पार करते हुए नज़र आया।
अंतर्राष्ट्रीय पश्चिम एशिया मीडिया सेंटर ने बताया कि इस बुलडोज़र ने शहीदों के शव को ब्लैड से टुकड़े कर दिया और फिर एक शव को ब्लेड से हवा में लहराया। जब मिर्कावा टैंक के संरक्षण में इस्राईली बुलडोज़र आगे बढ़ा तो कुछ फ़िलिस्तीनियों ने इस्राईली बुलडोज़र पर पत्थर मरना शुरु किया, जिसके बाद फ़ायरिंग की आवाज़ सुनायी दी।
जब फ़िलिस्तीनी तितर बितर हुए, तो इस्राईली बुलडोज़र टुकड़े टुकड़े हो चुके शवों में से एक शव को उठा कर अतिग्रहित इलाक़े की ओर चला गया।
इस्लामी जेहाद आंदोलन ने इस घिनौने अपराध की निंदा की और क़सम खायी कि वह अपने साथ इस्राईल को ऐसा व्यवहार नहीं करने देंगे जैसा वह कुछ अरब देशों के साथ करता है।
इस्लामी जेहाद आंदोलन ने कहाः "हम बंदूक़ के घोड़े को दबाने के लिए तय्यार हैं और तेल अविव पर फ़ायरिंग कर अपने शहीदों के ख़ून का बदला लेंगे।"