उत्तरी सीरिया में दमिश्क़ और मास्को की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से अमरीकी सैनिक दबाव में हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक़, अमरीकी अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि रूस की वायु सेना ने अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति वाले इलाक़े में पैट्रोलिंग बढ़ा दी है और अमरीकी सैनिकों पर दबाव बनाने के लिए रूसी हेलिकॉप्टर बहुत नीची उड़ानें भर रहे हैं।
इस क्षेत्र में सीरियाई और रूसी ड्रोन विमानों और लड़ाकू विमानों के उड़ानें भरने से अमरीकी सैनिकों की नींद उड़ गई है और अमरीका को हासिल वायु शक्ति की श्रेष्ठता ख़त्म हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक़, सीरिया और रूस निरंतर चुनौतियां उत्पन्न करके अमरीका पर दबाव बनाना चाहते हैं, ताकि सीरियाई सीमा पर ग़ैर क़ानूनी रूप से मौजूद वह अपने सैनिकों को वहां से बाहर निकाल ले।
अमरीका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी टिम ज़िमैंस्की ने स्वीकार किया है कि उत्तरी सीरिया में दमिश्क़ और मास्को अमरीकी सैनिकों पर प्रभावी रूप से दबाव बना रहे हैं।
पिछले हफ़्ते सीरिया के मामलों में अमरीका के प्रतिनिधि जेम्स एफ़ जेफ़री ने भी कहा था कि उत्तरी सीरिया में दिन ब दिन सीरियाई और रूसी सैनिकों की संख्या बढ़ती जा रही है।
ग़ौरतलब है कि 2015 में सीरिया संकट गहराने के बाद, आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में समर्थन के लिए दमिश्क़ ने मास्को के साथ सुरक्षा समझौता किया था।
सीरियाई सेना ने स्वयं सेवी बलों, ईरानी सैन्य सलाहकारों और रूस की वायु सेना के समर्थन से विदेशी समर्थन प्राप्त आतंकवादी गुटों को पीछे धकेलना शुरू कर दिया था।
इस बीच, अमरीका ने दाइश से लड़ने के बहाने दमिश्क़ के निमंत्रण या अनुमति के बग़ैर ही उत्तरी सीरिया में अपने सैनिक तैनात कर दिए थे।
हालांकि 2018 में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने दाइश की पराजय का एलान करते हुए सीरिया से अपने सैनिकों को बाहर निकाल लेने की घोषणा कर दी थी, लेकिन बाद में ट्रम्प अपने बयान से पलट गए और उन्होंने स्वीकार किया कि सीमित संख्या में अमरीकी सैनिक सीरिया के तेल के कुओं पर अपना क़ब्ज़ा जारी रखेंगे।
लेकिन उत्तरी सीरिया में आतंकवादी गुटों के अंतिम गढ़ में सीरियाई सेना की लगातार प्रगति ने जहां तुर्की को चिंतित किया है, वहीं अमरीका की भी नींद उड़ा दी है।
पिछले दो हफ़्तों के दौरान, आतंकवादियों के ख़िलाफ़ जारी सीरियाई सेना के अभियान में एक दर्जन से अधिक तुर्क सैनिक मारे गए थे।
उत्तरी सीरिया में सीरियाई और रूसी सेना की निरंतर प्रगति और आतंकवादियों के मैदान छोड़कर भाग खड़े होने के बाद, सीरियाई और रूसी सैनिकों का अमरीकी सैनिकों से सीधे टकराव का ख़तरा बढ़ता जा रहा है।