जनरल अबुलफज़्ल शिकारची ने इस्लामी क्रांति की सफलता की 41वीं वर्षगांठ के अवसर पर अपने एक भाषण में कहा कि आप जनता की भारी उपस्थिति, इस्लाम और इस्लामी क्रांति के दुश्मनों के दिल में तीर की तरह है।
उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के दुश्मनों ने गत 41 वर्षों के दौरान इस्लामी व्यवस्थ के खिलाफ जो भी उनसे बन पड़ा किया और यह भी स्वीकार किया कि इन सभी साज़िशों में से एक ही साज़िश किसी भी देश की व्यवस्था बदलने के लिए पर्याप्त होती है लेकिन ईरान में उन्हें सफलता नहीं मिली।
उन्होंने बताया कि ईरान के खिलाफ अब तक 190 बड़े षडयंत्र बनाए गये और उन्हें लागू किया गया और यह वह षडयंत्र थे जिनमें से एक ही षडयंत्र किसी देश की सरकार गिराने के लिए काफी होता है लेकिन ईरान दिन प्रतिदिन मज़बूत हुआ और अपने पैंरों पर खड़ा हो गया और यही नहीं आज दुनिया के कोने कोने में ईरान की इस्लामी क्रांति का संदेश पहुंच रहा है।