विदेशमंत्री का कहना है कि आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या, प्रतरोध मोर्चे के हौसले को कम नहीं होने देगी बल्कि इसे बढ़ाएगी। जवाद ज़रीफ़ ने लेबनान के अलअहद टीवी चैनेल से बात करते हुए कहा कि शहीद क़ासिम सुलैमानी, क्षेत्र में इस्लामी गणतंत्र ईरान की नीतियों के परिचायक थे। उन्होंने कहा कि जनरल क़ासिम सुलैमानी की शहादत से उनके चाहने वालों और समर्थकों को दुख तो अवश्य हुआ किंतु इससे प्रतिरोध मोर्चे के संकल्प में कोई कमी नहीं आएगी।
ईरान के विदेशमंत्री ने सेंचुरी डील के बारे में कहा कि इसके माध्यम से नेतनयाहू, चुनाव में पुनः जीतने और सत्ता में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सेंचुरी डील को केवल ज़ायोनियों के वर्चस्व को मज़बूत करने के उद्देश्य से पेश किया गया है। मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ का कहना था कि फ़िलिस्तीन के मामले में अमरीका ने हमेशा ही पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है। इस बारे में अमरीका कभी भी गंभीर नहीं रहा बल्कि उसने सदैव ही ज़ायोनी शासन का साथ दिया है।