विपक्षी दलों की बैठक में कांग्रेस समेत 20 दलों ने भाग लिया। विपक्षी दलों की बैठक में जिन दलों को बुलाया गया था, उनमें से समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी, शिवसेना और बहुजन समाज पार्टी ने भाग नहीं लिया। बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने पूरे देश को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि दोनों के बयानों में विरोधाभास है और वे लगातार इस पूरे मामले पर असंवेदनशील रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेएनयू पर भाजपा ने जो हमला किया उसे पूरे देश ने देखा और वह इससे स्तब्ध है। सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार तानाशाही नफ़रत का शासन चला रही है और समाज को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार पर संविधान की अवहेलना और सरकारी तंत्र का इस्तेमाल युवाओं और छात्रों को निशाना बनाने के लिए करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बैठक की समाप्ति पर बताया कि समान विचार वाली 20 राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक हुई और देश के राजनैतिक हालात की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि बैठक में मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए प्लान तैयार किया गया। उन्होंने देश के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है और कहा कि प्रधानमंत्री में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे प्रदर्शन कर रहे छात्रों के सामने खड़े हो सकें। राहुल गांधी ने कहा कि वे, उन्हें चुनौती देते हैं कि वे यूनिवर्सिटी में जाएं और मु्द्दों पर बात करें।