12 जनवरी 2020 - 16:08
विमान दुर्घटना को लेकर नाराज़ छात्रों के लिए ट्रम्प के घड़ियाली आंसू, ईरान के ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों को तबाह करने की धमकी देने

पिछले हफ़्ते यूक्रेन के एक यात्री विमान को ग़लती से मार गिराए जाने के बाद तेहरान में सरकार से नाराज़ छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने लगातार कई ट्वीट किए।

शनिवार की रात तेहरान के अमीर-कीबर विश्वविद्यालय में विमान दुर्घटना में मारे जाने वाले यात्रियों के लिए कैंडल मार्च का आयोजन किया गया था, जो जल्दी ही सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में बदल गया।

तेहरान स्थित ब्रिटिश राजदूत को पुलिस ने कुछ देर के लिए छात्र प्रदर्शनकारियों को भड़काने के आरोप में गिरफ़्तार भी किया था।

प्रदर्शनकारियों की नाराज़गी विमान दुर्घटना के बाद, ईरानी अधिकारियों द्वारा दुर्घटना के कारणों पर पर्दा डालने और तीन दिन तक सच्चाई सार्वजनिक नहीं करने को लेकर थी।

अमरीकी राष्ट्रपति जो पिछले हफ़्ते दाइश के ख़िलाफ़ लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले और ईरान के सबसे लोकप्रिय सैन्य अधिकारी जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या का आदेश देने के कारण लोगों के निशाने पर थे, मौक़ा ग़नीमत समझकर ट्वीटर पर ईरानी जनता से हमदर्दी जताने लगे।

हालांकि ट्वीटर पर ही लोगों ने उनके इस समर्थन को मगरमच्छ के आंसू क़रार दिया और ईरानी जनता के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंधों के कारण ट्रम्प को ईरानी राष्ट्र का दुश्मन बताया।

एक महिला यूज़र ने ट्रम्प को याद दिलाया कि उनके प्रतिबंधों के कारण, उसकी बहन का उचित इलाज नहीं हो सका और दवाईयों के अभाव के कारण उसकी मौत हो गई।

 

 

ट्रम्प ने इंग्लिश के अलाव, फ़ार्सी भाषा में ट्वीट करके सीधे ईरानी जनता से संपर्क करने की नाकाम कोशिश भी की।

ट्रम्प ने अपनी ट्वीट में लिखाः ईरान के पीड़ित और बहादुर लोगो, मैं अपने राष्ट्रपतिकाल की शुरूआत से ही तुम्हारे साथ खड़ा हुआ हूं और मेरी सरकार इसी तरह से तुम्हारे साथ खड़ी रहेगी। हम तुम्बारे विरोध प्रदर्शन पर नज़दीक से नज़र रखे हुए हैं। आप लोगों की बहादुरी एक आदर्श है।

यह वही ट्रम्प हैं, जिन्होंने जनरल सुलेमानी की हत्या के बाद, ईरान के 52 ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक ठिकानों को तबाह करके युद्ध अपराध अंजाम देने की धमकी दी थी।