ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातमी ने शुक्रवार को अपने जापानी समकक्ष तारो कोनो के साथ टेलीफ़ोन पर बातचीत में किसी तीसरे देश में किसी दूसरे देश के हाथों एक देश के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की हत्या को अभूतवूर्व महापराध बताते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक़, अमरीका का कृत्य सरकारी आतंकवाद की खुली मिसाल है।
ग़ौरतलब है कि ईरान की आरआरजीसी फ़ोर्स की क़ुद्स ब्रिगेड के कमान्डर जनरल क़ासिम सुलैमानी इराक़ी अधिकारियों के निमंत्रण पर 3 जनवरी को शुक्रवार तड़के इराक़ की राजधानी बग़दाद गए थे। वह और इराक़ी स्वयंसेवी बल हश्दुश शाबी के डिप्टी कमान्डर अबू महदी अलमोहन्दिस सहित उनके 8 साथी बग़दाद एयरपोर्ट पर आतंकी अमरीकी फ़ोर्सेज़ के हवाई हमले में शहीद हो गए।
ब्रिगेडियर जनरल हातमी ने दुनिया के सभी स्वाधीन देशों पर अमरीकी सरकर के आतंकवादी कृत्य की निंदा करने पर ज़ोर देते हुए, क्षेत्र में अमरीका की मौजूदगी को तनाव व अस्थिरता का मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र से तनाव को ख़त्म करने, सुरक्षा व स्थिरता क़ायम करने के लिए ज़रूरी है कि अमरीका की हस्तक्षेपूर्ण व अवैध रूप से मौजूदगी जल्द से जल्द से ख़त्म हो।
इस मौक़े पर जापान के रक्षा मंत्री ने कहा कि उनका देश क्षेत्र में तनाव मिटाने और शांति व स्थिरता लाने में अपना रोल निभाने के लिए तय्यार है।
इसके साथ ही जापानी रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके देश ने क्षेत्र में अमरीका के नेतृत्व में सैन्य गठबंधन में शामिल न होने का फ़ैसला लिया है।