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हज के दौरान होने वाली बड़ी दुर्घटनाएं।

  • News Code : 712260
  • Source : एरिब.आई आर
Brief

जारी वर्ष में हज के अवसर पर हुई त्रासदियों के अतिरिक्त पूर्व में भी हज के मौक़े पर घटनाए हुई हैं जिसमें हज़ारों लोगों की मौतें हुई हैं। एक नज़र डालते हैं अबतक सऊदी अरब में हज के अवसर पर होने वाली घटनाओं पर।

वर्ष 2015 में  हज के दौरान हुई दो बड़ी घटनाओं में बड़े पैमाने पर तीर्थयात्री मारे गए हैं।
पहले 12 सितंबर को मक्का में हो रहे निर्माण कार्य में लगी क्रेन के गिर गिरने से 107 तीर्थयात्री मारे गए थे।
दुसरे गुरूवार को मेना में हुई भगदड़ जिसमें सऊदी अरब से ताज़ा आ रहे आंकड़ों के अनुसार 717 हाजियों की मृत्यु हो चुकी है।
जारी वर्ष में हज के अवसर पर हुई त्रासदियों के अतिरिक्त पूर्व में भी हज के मौक़े पर घटनाए हुई हैं जिसमें हज़ारों लोगों की मौतें हुई हैं। एक नज़र डालते हैं अबतक सऊदी अरब में हज के अवसर पर होने वाली घटनाओं पर।
सबसे पहले रमी जमरात, जिसमें शैतान को पत्थर मारा जाता है, उसमें होने वाली घटनाएं।
(1) वर्ष 2006 में (12 जनवरी) हज के अंतिम दिन मेना के स्थान पर भगदड़ से 346 हाजी मारे गए और 1000 से अधिक घायल हुए थे।
(2) वर्ष 2004 में (एक फ़रवरी) को शैतान को कंकड़ मारने के दौरान भगदड़ मच गई थी जिससे 251 तीर्थयात्री मारे गए और 244 घायल हुए थे।
(3) वर्ष 2003 में (11 फ़रवरी) को रमी जमरात के दौरान भगदड़ में 14 तीर्थयात्री मारे गए थे।
(4) वर्ष 2001 में 35 हाजी भगदड़ मचने से मारे गए थे।
(5) वर्ष 1998 में (9 अप्रैल) को रमी जमरात के पुल पर शैतान को पत्थर मारने वाली प्रक्रिया के दौरान भगदड़ मच गई थी और 118 हाजी कुचल कर मर गए थे जबकि 180 घायल हुए थे।
(6) वर्ष 1994 में (23 मई) को शैतान को कंकड़ मारने के दौरान मेना में भगदड़ से 270 हाजी मारे गए थे।
(7) 1990 में भी एक बड़ी घटना हुई थी जिसमें रमी जमरात के दौरान पुल पर हुई घटना में 1426 हाजियों की दर्दनाक मौत हो गयी थी, मरने वालों में अधिकतर तीर्थयात्रियों का संबंध इंडोनेशिया, मलाईशियाय और पाकिस्तान से था।
सऊदी अरब में हज के अवसर पर आग लगने के कारण होने वाली घटनाएं।
(1) वर्ष 2011 में (1 नवंबर) को हाजियों की एक बस में आग लग गई थी जिसमें से अधिकतर तीर्थयात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया था लेकिन बस की अंतिम सीटों पर बैठे पति और पत्नी बस से उतर ही रहे थे कि बस के ईंधन टैंक में विस्फोट होने से वे मारे गए थे।
(2) वर्ष 1997 में मेना के क्षेत्र में हाजियों के टेंट में आग भड़क उठी थी जिससे 347 तीर्थयात्रियों मारे गए और 1500 घायल हुए थे।
(3) 1975 में हाजियों के टेंट में एक गैस सिलेंडर फट गया था जिससे आग लग गई थी और उस घटना में 200 लोग मारे गए थे।
सऊदी अरब में हज के अवसर पर विरोध प्रदर्शन और असुरक्षा के कारण हुई घटनाएं।
(1)  वर्ष 1984 में (9 जुलाई) को 2 धमाके हुए थे जिसमें एक हाजी मारा गया और 16 घायल हुए थे बाद में सऊदी अधिकारियों ने इन धमाकों के आरोप में 16 कुवैती निवासियों के सिर कलम किए थे।
(2)  वर्ष 1987 में (31 जुलाई) को ईरान के हाजियों द्वारा हज के संस्कार के दौरान अनेकेशवरवादियों से विरक्तता की घोषणा के समय सऊदी सुरक्षा बलों ने फ़ारिंग कर दी थी जिसमें 400 से अधिक ईरानी हाजी मारे गए थे।
हज के अवसर पर तीर्थयात्रियों से भरे हवाई जहाज़ों की दुर्घटनाएं।
(1)  वर्ष 1991 में (11 जुलाई) को सऊदी अरब से नाइजीरिया जाने वाली हज उड़ान जेद्दा के किंग अब्दुल अज़ीज़ हवाई अड्डे से उड़ने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी जिसमें 14 विमान कर्मचारियों सहित 247 लोग मारे गए थे।
(2)  वर्ष 1979 में (26 नवंबर) को पाकिस्तान इंटरनेशनल एयर लाइन्स (पीआईए) की उड़ान जेद्दा हवाई अड्डे से उड़ने के कुछ ही क्षणों बाद गिर गयी थी जिससे 156 तीर्थयात्री मारे गए थे।
(3)  वर्ष 1978 में आईलैंड एयरलाइन का विमान दुर्घटना का शिकार हो गया था, यह विमान सऊदी अरब से लौटने पर श्रीलंका के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें 170 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर इंडोनेशिया के तीर्थयात्री थे।
(4)  वर्ष 1974 में (4 दिसंबर) को नीदरलैंड विमान श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें से 182 तीर्थयात्री मारे गए थे जबकि चालक दल के 9 लोग भी मारे गए।
(5)  वर्ष 1973 में (22 जनवरी) को जॉर्डन का विमान नाइजीरिया के कानू के पास गिर गया था, जिससे हज से लौटने वाले 176  हाजी मारे गए थे।


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