शेख नईम क़ासिम:

विलायते फ़क़ीह इस्लाम की वैश्विक सफलता का मानक है

  • News Code : 706036
  • Source : अबना
Brief

हिज़्बुल्लाह लेबनान के उप महासचिव ने विश्व अहलेबैत परिषद के छठे सम्मेलन और इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम पर विश्व सम्मेलन में बोलते हुए इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम की दुआओं के संग्रह को इस्लामी दुनिया को इस्लामी शिक्षाओं से नज़दीक करने का स्रोत करार दिया और कहा कि यह दुआएं विशेष रूप से दुआए मकारेमुलअख़्लाक़ मुसलमानों के बीच नैतिक गुणों को अस्तित्व में लाने और आपस में सहानुभूति और हमदिली बनाने का कारण बन सकती है।

अहलेबैत (अ) न्यूज़ एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार हिज़्बुल्लाह लेबनान के उप महासचिव ने विश्व अहलेबैत परिषद के छठे सम्मेलन और इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम पर विश्व सम्मेलन में बोलते हुए इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम की दुआओं के संग्रह को इस्लामी दुनिया को इस्लामी शिक्षाओं से नज़दीक करने का स्रोत बताया और कहा कि यह दुआएं विशेष रूप से दुआए मकारेमुल अख़्लाक़ मुसलमानों के बीच नैतिक गुणों को अस्तित्व में लाने और आपस में सहानुभूति और हमदिली बनाने का कारण बन सकती है।
उन्होंने इस्लामी दुनिया में पाई जाने वाली मौजूदा समस्याओं का समाधान इस्लाम की सही शिक्षाओं का पालन बताते हुए कहा कि तकफीरी टोलों की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि वह इस्लाम को सही नहीं समझ पाए हैं और इस्लाम की गलत व्याख्या का पालन करने के कारण मौजूदा कठिनाइयों को अस्तित्व में लाए हैं।
शेख नईम क़ासिम ने इस्लामी समाज की सफलता में अहलेबैत (अ) की शिक्षाओं को बुनियादी जरूरत बताते हुए कहा कि लेबनान में हिज़्बुल्लाह द्वारा प्राप्त की गईं पिछली सभी उपलब्धियां और कामरानियां अहलेबैत (अ) से तवस्सुल और उनकी शिक्षाओं के पालन का परिणाम हैं।
 मुसलमानों की सफलता का रहस्य भी अहलेबैत (अ) की शिक्षाओं में निहित बताते हुए उन्होंने कहा अहलेबैत (अ) अपने दौर के समाज में सबसे अच्छे और उच्चतम चरित्र के मालिक रहे हैं यह बात इस बात की दलील है कि उनका यह किरदार सही इस्लामी शिक्षाओं की छाया में था आज भी अगर इस्लामी देशों के प्रमुख और अधिकारी उनके जीवन को अपना व्यावहारिक नमूना बना लें तो निश्चित रूप से उपलब्धियां उनके कदम चूमेंगी।
उन्होंने ईरान की परमाणु वार्ता में सफलता की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान को इस सफलता के प्राप्त होने से पश्चिमी विचारधारा में काफी परिवर्तन हुआ है यह चीज़ इस बात का कारण होगी कि इस्लामी रिपब्लिक ईरान विद्रोही देशों की तुलना में अधिक दृढ़ता और स्थिरता का सबूत दे।
उन्होंने कहा कि सभी इस्लामी आंदोलन केवल ईरान की इस्लामी क्रांति को आदर्श बनाकर ही सफलता के चरण तय कर सकती हैं बल्कि इस्लाम को अगर वैश्विक स्तर पर सफलता प्राप्त होगी तो वह भी केवल विलायत फ़क़ीह (आयतुल्लाह ख़ामेनई) की छत्र छाया में हो सकती है।


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