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इस्राईल, फ़िलिस्तीनियों पर क़ब्ज़ा करना बंद करे।

  • News Code : 696574
  • Source : एरिब.आई आर
Brief

फ़्रांस के विदेश मंत्री ने इस्राईल द्वारा अवैध कालोनियों के निर्माण को फ़िलिस्तीन और इस्राईल के बीच सहमति के रास्ते में रुकावट बताया। इसके साथ ही उन्होंने फ़िलिस्तीन और इस्राईल के बीच बातचीत शुरु होने की अपील की।

फ़्रांस के विदेश मंत्री ने इस्राईल द्वारा अवैध कालोनियों के निर्माण को फ़िलिस्तीन और इस्राईल के बीच सहमति के रास्ते में रुकावट बताया। इसके साथ ही उन्होंने फ़िलिस्तीन और इस्राईल के बीच बातचीत शुरु होने की अपील की।
लॉरेन फ़ैबियस ने शनिवार को क़ाहेरा में पत्रकारों से कहा कि बातचीत का फिर से शुरु होना बहुत अहम है। इसके साथ ही उन्होंने बल दिया कि जब तक तेल अवीव शासन फ़िलिस्तीनियों की ज़मीनों को ग़ैर क़ानूनी ढंग से हथियाना जारी रखेगा, इस संकट का हल निकालने की संभावना कम से कम होती जाएगी।
फ़्रांस के विदेश मंत्री ने कहा कि फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों को आधिकारिक रूप से मान्यता दिया जाना ज़रूरी है क्योंकि न्याय के बिना शांति मुमकिन नहीं है। उन्होंने यह बयान ऐसी हालत में दिया है कि पिछले साल फ़्रांसीसी सांसद, फ़िलिस्तीन को एक देश के रूप में मान्यता दिए जाने के प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर चुके हैं। फ़िलिस्तीन और इस्राईल के बीच पिछली बातचीत बिना किसी नतीजे के ख़त्म हो गयी थी। तेल अवीव शासन द्वारा फ़िलिस्तीनियों की हड़पी हुयी ज़मीनों पर ग़ैर क़ानूनी कॉलोनियों का निर्माण और फ़िलिस्तीनी बंदियों की रिहाई का विरोध, वे बिन्दु थे जो पिछली बातचीत की विफलता का कारण बने थे।
संयुक्त राष्ट्र संघ सहित दुनिया के बहुत से देश, ज़ायोनी शासन द्वारा कॉलोनियों के निर्माण को ग़ैर क़ानूनी मानते हैं क्योंकि यह शासन जिस भूभाग पर कॉलोनियों का निर्माण कर रहा है वह फ़िलिस्तीनियों की भूमि है जिस पर उसने 1967 की लड़ाई में क़ब्ज़ा किया था और जनेवा कन्वेन्शन के अनुसार, अतिग्रहित भूमि पर अतिग्रहणकारी की ओर से हर प्रकार की निर्माण गतिविधियां वर्जित हैं।


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