डॉक्टर ताहिरुल क़ादरी:

सभी को मिल कर करना होगा आतंकवाद का मुक़ाबला।

  • News Code : 659024
  • Source : wilayat.in
Brief

पाकिस्तानी जनांदोलन के प्रमुख ने कहा कि आतंकवादियों से बातचीत नहीं बल्कि उन्हें खत्म किया जाए।

पाकिस्तानी जनांदोलन के प्रमुख ने कहा कि आतंकवादियों से बातचीत नहीं बल्कि उन्हें खत्म किया जाए। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान जनांदोलन के प्रमुख डॉक्टर ताहिरुल क़ादरी ने पेशावर घटना के हवाले से मीडिया से सीधे बातचीत करते हुए कहा कि आतंकवादियों से बातचीत नहीं बल्कि उन्हें खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर आतंकवादियों के विरूद्ध आप्रेशन एक साल पहले शुरू हो जाता तो आज हमारे हाथों में हमारे बच्चों की लाशें न होती। आतंकवाद के मुद्दे पर सरकार और सेना के दृष्टिकोण में 180 डिग्री का अंतर है। आतंकवाद की लड़ाई लड़ना अकेले सेना का काम नहीं, पूरे राष्ट्र को आतंकवादियों के खिलाफ़ लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि पेशावर घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। राजनीतिक दल इस सोच से बाहर निकल आयें कि यह हमारी नहीं किसी और की लड़ाई है बल्कि यह हमारी लड़ाई है, राष्ट्र उसे अपनी लड़ाई मानते हुए एक हो जाए। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद के अभिशाप को समाप्त करने के लिए सभी के साथ बैठने को तैयार हैं, संसदीय दलों के संयुक्त अधिवेशन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता तो जरूर जाते क्योंकि यह देश, राष्ट्र और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल है। सरकार ने आमंत्रित इसलिए नहीं किया कि उन्हें पता है कि आतंकवाद के खिलाफ़ हमारा रुख दो+दो चार की तरह है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद को ख़त्म करने के लिए मैंने 600 पन्नों पर आधारित फ़त्वा दिया है। अतीत के शासक या मौजूदा शासक गंभीर होते तो इससे मदद लेते।
उल्लेखनीय है कि डॉ ताहिरुल क़ादरी ने बीमारी के बावजूद पेशावर घटना की खबर मिलते ही मीडिया से सीधे बातचीत की और घटना की निंदा की।

पाकिस्तानी जनांदोलन के प्रमुख ने कहा कि आतंकवादियों से बातचीत नहीं बल्कि उन्हें खत्म किया जाए। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान जनांदोलन के प्रमुख डॉक्टर ताहिरुल क़ादरी ने पेशावर घटना के हवाले से मीडिया से सीधे बातचीत करते हुए कहा कि आतंकवादियों से बातचीत नहीं बल्कि उन्हें खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर आतंकवादियों के विरूद्ध आप्रेशन एक साल पहले शुरू हो जाता तो आज हमारे हाथों में हमारे बच्चों की लाशें न होती। आतंकवाद के मुद्दे पर सरकार और सेना के दृष्टिकोण में 180 डिग्री का अंतर है। आतंकवाद की लड़ाई लड़ना अकेले सेना का काम नहीं, पूरे राष्ट्र को आतंकवादियों के खिलाफ़ लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि पेशावर घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। राजनीतिक दल इस सोच से बाहर निकल आयें कि यह हमारी नहीं किसी और की लड़ाई है बल्कि यह हमारी लड़ाई है, राष्ट्र उसे अपनी लड़ाई मानते हुए एक हो जाए। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद के अभिशाप को समाप्त करने के लिए सभी के साथ बैठने को तैयार हैं, संसदीय दलों के संयुक्त अधिवेशन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता तो जरूर जाते क्योंकि यह देश, राष्ट्र और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल है। सरकार ने आमंत्रित इसलिए नहीं किया कि उन्हें पता है कि आतंकवाद के खिलाफ़ हमारा रुख दो+दो चार की तरह है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद को ख़त्म करने के लिए मैंने 600 पन्नों पर आधारित फ़त्वा दिया है। अतीत के शासक या मौजूदा शासक गंभीर होते तो इससे मदद लेते।
उल्लेखनीय है कि डॉ ताहिरुल क़ादरी ने बीमारी के बावजूद पेशावर घटना की खबर मिलते ही मीडिया से सीधे बातचीत की और घटना की निंदा की।


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