अगर हिज़्बुल्लाह न होता तो आईएसआईएल बैरूत में होता

  • News Code : 692900
  • Source : एरिब.आई आर
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लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के उप महासचिव ने कहा है कि यदि आतंकवादी गुट आईएसआईएल के विरुद्ध युद्ध न करते तो इस समय वह बैरूत में होता।

लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के उप महासचिव ने कहा है कि यदि आतंकवादी गुट आईएसआईएल के विरुद्ध युद्ध न करते तो इस समय वह बैरूत में होता।
अलमनार टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार हिज़्बुल्लाह के सेक्रेटरी जनरल शैख़ नईम क़ासिम ने हिज़्बुल्लाह द्वारा सीरिया में आईएसआईएल आतंकी गुट के विरुद्ध युद्ध में शामिल होने के निर्णय की ओर संकेत करते हुए कहा कि यदि हिज़्बुल्लाह, सीरिया में आतंकवादियों के विरुद्ध युद्ध न करता तो आईएसआईएल, इस समय बैरूत में होता और आतंकी कार्यवाहियां करता। उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने अपने हालिया भाषण में जरूद ओरसाल को स्वतंत्र कराने के लिए सरकार की ज़िम्मेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को स्वतंत्र कराने के लिए हम सरकारी कार्यवाहियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शैख़ नईम क़ासिम ने कहा कि साद हरीरी के नेतृत्व में अलमुस्तक़बल पार्टी को चाहिए कि जरूद ओरसाल में घटने वाली घटनाओं और आतंकियों के क़ब्ज़े से उसे स्वतंत्र कराने के बारे में अपने दृष्टिकोण की घोषणा करे। शैख़ नईम क़ासिम ने कहा कि यह बात अतार्किक है कि यह धड़ा इस संबंध में अपने दृष्टिकोण की घोषणा करने से बचे। हिज़्बुल्लाह के उप महासचिव ने कहा कि हिज़्बुल्लाह पूरी शक्ति के साथ शत्रुओं के मुक़ाबले में डटा हुआ है और जब तक आवश्यक होगा, हिज़्बुल्लाह के जवान रणक्षेत्र में जमे रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक लेबनान के समस्त क्षेत्रों को अतिग्रहणकारियों से स्वतंत्र नहीं करा लेंगे, चैन से नहीं बैठेंगे।


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