आश्चर्य की बात है कि विश्व समुदाय हाजियों का ख़ून बजाए जाने पर ख़ामोश है

  • News Code : 777909
  • Source : तेहरान रेडियो
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तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने कहा पिछले साल मिना त्रासदी में हाजियों की मौत पर देशों और विश्व संस्थाओं की ख़ामोशी और इस घटना के कारणों की जांच के संबंध में प्रयास न करने की आलोचना की।

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने कहा पिछले साल मिना त्रासदी में हाजियों की मौत पर देशों और विश्व संस्थाओं की ख़ामोशी और इस घटना के कारणों की जांच के संबंध में प्रयास न करने की आलोचना की।
आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने नमाज़े जुमा के ख़ुतबों में कहा कि मिना त्रासदी को एक साल का समय बीत गया है लेकिन आश्चर्य की बात है कि विश्व समुदाय इस भयानक अपराध पर ख़ामोश है और हाजियों का ख़ून बजाए जाने पर कोई आपत्ति नहीं कर रहा है।
आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने कहा कि ईश्वर का घर सबसे सुरक्षित स्थान होना चाहिए लेकिन आले सऊदी की नासमझी और कुप्रबंधन के कारण हज़ारों हाजी मारे गए और घायल हाजियों को उसी अवस्था में सड़कों पर छोड़ दिया गया जिससे सऊदी अधिकारियों की संवेदनहीनता का पता चलता है।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने वहाबियों की ओर से अमानवीय गतिविधियों के जारी रहने का हवाला देते हुए कहा कि यह समुदाय हमेशा मुसलमानों के हितों के विपरीत काम करता रहा है और इसके अनुयायी वह गुमराह लोग हैं जो इस्लामी जगत को नुक़सान पहुंचाने के लिए बड़े से बड़ा पाक करने पर तैयार रहते हैं।
आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने मनी लांड्रिंग की रोक थाम की अंतर्राष्ट्रीय संस्था एफ़एटीएफ़ की ओर से ईरान के कुछ लोगों और वित्तीय संस्थाओ। के विरुद्ध किए गए फ़ैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि इस फ़ैसले पर ईरान अमल करता है तो यह अपने ऊपर ख़ुद प्रतिबंध लगाने के समान है और मनी लांड्रिंग की रोकथाम के नाम पर इस्लामी गणतंत्र ईरान की वित्तीय और बैंकिंग सेंक्टर की जानकारियां इस संस्था को देने वाला क़दम है।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने कहा कि यदि पासदाराने इंक़ेलाब फ़ोर्स या ख़ातेमुल अंबिया एयर डिफ़ेंस हेड क्वार्टर पर प्रतिबंध लगाया जाता है जो दुशमन को एक आंख नहीं भाते तो इसे इस्लामी गणतंत्र ईरान कदापि सहन नहीं करेगा।
आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने कहा कि एफ़एटीएफ़ के फ़ैसले पर इस्लामी गणतंत्र ईरान कभी भी अमल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह संस्था अमरीका सहित बड़ी शक्तियों की इच्छा के अनुसार काम करती है। आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने कहा कि इस संस्था के फ़ैसले पालन करना देशहित के विपरीत है अतः संसद को चाहिए कि इन मूर्खतापूर्ण फ़ैसलों के पालन का रास्ता रोके।


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