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आयतुल्लाह इमामी काशानी:

मुस्लिम राष्ट्र एकजुट होकर इस्लाम और क़ुरआन की रक्षा करें

  • News Code : 760788
  • Source : तेहरान रेडियो
Brief

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम आयतुल्लाह इमामी काशानी ने साम्राज्यवादी शक्तियों और अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनिज़्म की इस्लामी विरोधी साज़िशों का मुक़ाबला करने के लिए मुस्लिम राष्ट्रों से एकजुट हो जाने की अपील की।

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम आयतुल्लाह इमामी काशानी ने साम्राज्यवादी शक्तियों और अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनिज़्म की इस्लामी विरोधी साज़िशों का मुक़ाबला करने के लिए मुस्लिम राष्ट्रों से एकजुट हो जाने की अपील की।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने नमाज़े जुमा के ख़ुतबों में कहा कि इस समय साम्राज्यवाद और ज़ायोनिज़्म का असली चेहरा सारी दुनिया के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम द्वारा लाए गए धर्म इस्लाम तथा क़ुरआन की रक्षा के संबंध में शीया और सुन्नी सभी मुसलमानों की ज़िम्मेदारी है उन्हें चाहिए कि आपसी एकता से इन दोनों को शत्रुओं की साज़िशों से बचाएं।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने कहा कि शत्रुओं ने अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए मुसलमान कहलाने वाले एक समूह को मुस्लिम राष्ट्रों के ख़िलाफ़ सक्रिय कर दिया है लेकिन इन सारी साज़ियों और मतभेद उत्पन्न करने वाले षडयंत्रों के बावजूद इस्लामी क्रान्ति और इस्लाम धर्म का तेज़ी से विस्तार हो रहा है।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता को इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था के स्थायित्व का रहस्य ठहराया और कहा कि वह अकेले एसे इंसान हैं जिन्हें इस्लाम के शत्रुओं के उद्देश्यों और साम्राज्यवाद की नीतियों की पूर्ण जानकारी है और वह इनका विशलेषण करते रहते हैं।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने कहा कि विश्व के मुसलमानों को चाहिए कि क्षेत्र में विशेष रूप से इराक़, यमन और सीरिया में शत्रुओं की साज़िश सफल न होने दें। उन्होंने कहा कि यमन, सीरिया और इराक़ में जो जनसंहार हो रहे हैं उनके पीछे सऊदी अरब का पैसा, ज़ायोनियों की चालें और अमरीका की शक्ति है।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने बहरैन की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस देश में शीया धर्मगुरुओं पर अत्याचार हो रहा है, मस्जिदें बंद की जा रही हैं और लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है, मुस्लिम राष्ट्रों को चाहिए कि इस संकट पर ध्यान दें और इसका कोई समाधान खोजें।
आयतुल्लाह इमामी काशानी ने हालिया समय में पाकिस्तान के शीयों के ख़िलाफ़ होने वाली हिंसक कार्यवाहियों पर खेद जताया तथा इस हिंसा पर सुन्नी समुदाय और ईसाइयों की ओर से भी आपत्ति जताए जाने का हवाला देते हुए पाकिस्तान सरकार से मांग की कि अपनी नीतियों पर पुनरविचार करे तथा देश में चरमपंथ के विस्तार को रोके।


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