अली अकबर विलायती:

इराक़ और सीरिया के प्रति ईरान का समर्थन जारी रहेगा।

  • News Code : 728013
  • Source : एरिब.आई आर
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ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ इराक़ और सीरिया के प्रति ईरान का समर्थन जारी रहने पर बल दिया है।

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ इराक़ और सीरिया के प्रति ईरान का समर्थन जारी रहने पर बल दिया है।
वरिष्ठ नेता के सलाहकार अली अकबर विलायती ने इसी के साथ बल दिया कि इन दोनों अरब देशों मे जारी संकट को सैन्य मार्ग से हल नहीं किया जा सकता।
अली अकबर विलायती ने प्रेस टीवी से इंटर्व्यू में कहा कि बग़दाद और दमिश्क़ सरकार के अनुरोध पर, आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में ईरान इराक़ और दमिश्क़ का समर्थन करता रहेगा।
उन्होंने कहा, “ईरान की सुरक्षा क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी है। अगर इराक़ या सीरिया या किसी और पड़ोसी देश को ख़तरा है तो हम उदासीन नहीं रह सकते। इसलिए बग़दाद और सीरिया की क़ानूनी सरकार के निवेदन पर हमने आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में इन दोनों सरकारों की मदद करने की कोशिश की।”
अली अकबर विलायती ने सीरिया संकट के बारे में अंतर्राष्ट्रीय बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान सीरिया में हिंसा के अंत के लिए सिर्फ़ इस देश के सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच बातचीत का समर्थन करता और आतंकवादी गुटों के साथ किसी प्रकार की बातचीत को रद्द करता है।
वरिष्ठ नेता के सलाहकार ने इसी के साथ इस बात पर भी बल दिया कि सिर्फ़ सीरियाई जनता को अपने भविष्य का फ़ैसला करने का अधिकार है।
उन्होंने आगे कहा कि ज़ायोनी शासन, अमरीका और कुछ पश्चिमी देश, पूरी दुनिया में इस्लामोफ़ोबिया फैलाने के लिए आतंकवादी गुट दाइश से फ़ायदा उठा रहे हैं।
अली अलकर विलायती ने इसी प्रकार यमन की बेगुनाह जनता पर सऊदी अरब के जारी हवाई अतिक्रमण का उल्लेख करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ से रियाज़ के इस अवैध क़दम को तुरंत रोकने के लिए कार्यवाही करने की मांग की। यमन पर 26 मार्च 2014 से सऊदी अरब का अतिक्रमण जारी है जिसमें अब तक 7500 से ज़्यादा बेगुनाह लोग मारे गए और 14000 से ज़्यादा घायल हुए हैं।
उन्होंने इसी प्रकार यमनी पक्षों के बीच बातचीत को इस देश की समस्या का एकमात्र हल बताया। इसके साथ ही उन्होंने रियाज़ पर यमन के मामले में हस्तक्षेप से दूर रहने पर बल दिया।


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