$icon = $this->mediaurl($this->icon['mediaID']); $thumb = $this->mediaurl($this->icon['mediaID'],350,350); ?>

ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने की मोदी और सुषमा से मुलाकात।

  • News Code : 705902
  • Source : अबना
Brief

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री डॉक्टर जवाद ज़रीफ़, ईरान और ग्रुप 5+1 के साथ परमाणु सहमति के बाद, क्षेत्रीय देशों की अपनी दूसरी यात्रा में, लेबनान, सीरिया और पाकिस्तान के बाद गुरुवार की रात, भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंचे। ईरान के विदेश मंत्री ने ईरान और भारत के बीच संबंध विस्तार को अपनी दिल्ली यात्रा का मुख्य उद्देश्य बताया है। इंदिरा गांदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में विदेश मंत्री ने कहा कि परमाणु समझौते के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में विस्तार का उचित माहौल बन गया है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री डॉक्टर जवाद ज़रीफ़, ईरान और ग्रुप 5+1 के साथ परमाणु सहमति के बाद, क्षेत्रीय देशों की अपनी दूसरी यात्रा में, लेबनान, सीरिया और पाकिस्तान के बाद गुरुवार की रात, भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंचे। ईरान के विदेश मंत्री ने ईरान और भारत के बीच संबंध विस्तार को अपनी दिल्ली यात्रा का मुख्य उद्देश्य बताया है। इंदिरा गांदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में विदेश मंत्री ने कहा कि परमाणु समझौते के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में विस्तार का उचित माहौल बन गया है।
ईरान के विदेश मंत्री डॉ जावेद जरीफ ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। जरीफ ने विदेश मंत्री स्वराज सहित वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की जिसमें व्यापार और निवेश से संबंधित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि गुरूवार रात नई दिल्ली पहुंचे जरीफ ने जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। श्री गडकरी मई में तेहरान गए थे। उस समय दोनों देशों ने चाबहार बंदरगाह विकसित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। चाबहार बंदरगाह ईरान के दक्षिण पूर्वी तट पर स्थित है। सामारिक रुप से काफी महत्वपूर्ण यह बंदरगाह पाकिस्तान जाए बिना अफगानिस्तान से भारत को सामुद्रिक एवं भूमि संपर्क रुट मुहैया करायेगा।
विदेश मंत्री ने कहा कि दिल्ली की यात्रा के दौरान, चरमपंथ और हिंसा जैसी क्षेत्रीय चुनौतियों और आपसी सहयोग पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा में चर्चा का मुख्य विषय, नए वातावरण में आपसी सहयोग बढ़ाने है।
विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने शुक्रवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में दोनों देशों के बीच और अधिक व्यवहारिक और उपयोगी मुद्दों पर चर्चा पर जोर दिया और कहा कि ईरान और भारत, नए माहौल में, द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में बड़े क़दम उठाने का इरादा रखते हैं। विदेश मंत्री ने भारतीय प्रधानमंत्री से होने वाली इस बैठक में तेल, गैस, पेट्रोकेमिकल और व्यापार के क्षेत्र में निवेश की स्थिति अनुकूल बनाने और तेहरान और नई दिल्ली के संबंधों में विस्तार के लिए अधिक सक्रियता  की मांग की और क्षेत्रीय संकटों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में, उचित समाधान खोजने के लिए जिम्मेदार और स्वाधीन देशों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
इस बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ महीने पहले रूस में ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी से अपनी मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बैठक के बाद हमने अधिकारियों को ईरान के साथ संबंधों के नए चरण के लिए तैयार रहने को कहा। भारत और ईरान के संबंध प्राचीन है और गत दशकों के दौरान  अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अंतर्गत संबंधों में उतार-चढ़ाव आए मगर दोनों देश, संकटों के भंवर में संबंधों को बचा कर इस नये चरण तक लाने में सफल रहे और इसका मुख्य कारण, दोनों देशों में एक दूसरे की परिस्थितियों के प्रति सही समझ है। यही कारण है कि परमाणु सहमति के बाद जब पश्चिमी देशों के विभिन्न प्रतिनिधिमंडल, ईरान की यात्राएं कर रहे थे ईरानी नेता, भारत को अपने देश में पुंजीनिवेश के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे और भारत में यह चर्चा चल रही थी कि भारत, इन नयी परिस्थितियों में ईरान से क्या लाभ उठा सकता है।
ईरान भारत के लिए कई पहलुओं से महत्वपूर्ण है जबकि कई कारणों से भारत भी ईरान के लिए महत्वपूर्ण है और अब नयी परिस्थितियों में कि जब संबंध विस्तार के मार्ग की बाधाएं दूर होती नज़र आ रही हैं दोनों देश, यथासंभव सीमा तक विशेषकर आर्थिक क्षेत्र में संबंध विस्तार का संकल्प रखते हैं और निश्चित रूप से यह संबंध दोनों देशों ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए लाभदायक हैं।  विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ की दिल्ली यात्रा के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों के मध्य वार्ता में भी इसी बिन्दु पर बल दिया गया।
वहीं,अधिकारियों ने इस बैठक के बारे में जानकारी नहीं दी, लेकिन यह यह उम्मीद की जा रही है कि इन चर्चाओं का विषय वहां भारतीय निवेश के जरिए संपर्क को मजबूत करने के साथ ईरान से तेल की आपूर्ति को बढ़ाने पर रहा है।
जरीफ की मोदी के साथ मुलाकात के बाद विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि दोनों नेताओं की मुलाकात हुई हैं।
राष्ट्रपति हसन रुहानी से उफा में बैठक के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्री जावेद जरीफ की दिल्ली में आवगानी की। समझता जाता है कि सुषमा के साथ उनकी मुलाकात के दौरान भारत ने तेल की तस्करी के आरोप में पिछले दो सालों से ईरान की जेल में बंद नौ भारतीयों का मुद्दा भी उठाया। ये भारतीय एक जहाज के चालक दल के सदस्य थे। उनसे रिहाई के लिए 19 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने के लिए कहा गया है।


सम्बंधित लेख

अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*