ईरानी सीमा पर आतंकवादी घटनाओं के लिये पाकिस्तान ले ज़िम्मेदारी।

  • News Code : 682020
  • Source : abna.ir
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जनरल रज़ाई ने ईरान के दक्षिण पूर्व में स्थित जकीगोर क्षेत्र के दौरे के अवसर पर कहा कि जांच से यह बात सामने आई है कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे और उन्होंने सीमा से लगभग बीस मीटर की दूरी पर मोर्चा बनाकर फायरिंग की थी जिसके परिणाम स्वरूप ईरान के आठ सीमा रक्षक शहीद हो गए

अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार जनरल रज़ाई ने ईरान के दक्षिण पूर्व में स्थित जकीगोर क्षेत्र के दौरे के अवसर पर कहा कि जांच से यह बात सामने आई है कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे और उन्होंने सीमा से लगभग बीस मीटर की दूरी पर मोर्चा बनाकर फायरिंग की थी जिसके परिणाम स्वरूप ईरान के आठ सीमा रक्षक शहीद हो गए। जनरल रज़ाई ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान की ओर से जिम्मेदाराना व्यवहार न किये जाने और सीमा क्षेत्र पर निगरानी न किये जाने के कारण हुई है। ईरान के सीमावर्ती सैन्य कमांडर ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान संघर्ष और अतिक्रमण के सत्तर से अधिक घटनाएं सामने आई हैं जिन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। इन आतंकी घटनाओं पर क़ाबू न पाने की वजह यह है कि आतंकवादी पाकिस्तान में है। जनरल रज़ाई ने कहा कि हमारी ताज़ा जांच के अनुसार इन आतंकवादियों का ठिकाना पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के तुरबत क्षेत्र में है। दूसरी ओर ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के उप प्रमुख सैयद अहमद रजा दस्तगैब ने कहा है कि ईरान अपने पड़ोसी देशों की संप्रभुता व अखंडता का सम्मान करता है, हालंकि ईरान की पूर्वी सीमा पर और अधिक सुरक्षा प्रबंध किये जाने चाहिए। सैयद अहमद रजा ने मंगलवार की रात ईरान के टीवी चैनल 2 के साथ बातचीत करते हुए कहा कि ईरान और पाकिस्तान ने वर्ष 1959 में सीमा सुरक्षा और अपराधियों और आतंकवादियों के प्रत्यर्पण का समझौता किया था। लेकिन पाकिस्तान ने अब तक इस पर गंभीरता से अमल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ईरान और पाकिस्तान के बीच कई समझौते हुए हैं लेकिन पाकिस्तान के कुछ सुरक्षा संस्थान उन्हें लागू करने के रास्ते में बाधाएं खड़ी करते हैं।
सैयद अहमद रजा दस्तगैब ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से सहयोग और संयुक्त रूप से कार्रवाई किये जाने के मामले में चरमपंथियों और आतंकवादियों का आसानी के साथ मुकाबला किया जा सकता है। ईरान के उप विदेश मंत्री हसन कशकावी ने भी इस अवसर पर कहा कि पाकिस्तान की सरकार को ईरान के साथ मिलने वाली सीमा पर आतंकवादियों की निगरानी के लिये ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि ईरान को सीमा समस्याओं और कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि ईरान और पाकिस्तान समझौतों पर अमल और आपसी सद्भाव के साथ संयुक्त कार्रवाई अंजाम देकर इस सीमा मुश्किल को तार्किक ढंग से हल कर सकते हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में आतंकवादियों ने ईरान और पाकिस्तान की सीमा पर गोलीबारी करके ईरान के आठ सीमा रक्षकों को शहीद कर दिया है।


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