पेशावर हमले की मुस्लिम उल्मा ने की कड़ी निंदा।

  • News Code : 659020
  • Source : wilayat.in
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लखनऊ, पाकिस्तान के पेशावर में तालिबान आतंकवादियों द्वारा स्कूल में बच्चों के नरसंहार के ख़िलाफ़ लखनऊ के मज़हबी लीडरों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उलमा ने कहा है कि इस घटना की निंदा के लिए शब्द कम हैं। इस तरह का काम करने वाले इस्लाम के मानने वाले नही हो सकते।

हिंदुस्तानी मुस्लिम उल्मा ने पेशावर में बच्चों पर हुए बर्बर आतंकी हमलों की निंदा की।
लखनऊ, पाकिस्तान के पेशावर में तालिबान आतंकवादियों द्वारा स्कूल में बच्चों के नरसंहार के ख़िलाफ़ लखनऊ के मज़हबी लीडरों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उलमा ने कहा है कि इस घटना की निंदा के लिए शब्द कम हैं। इस तरह का काम करने वाले इस्लाम के मानने वाले नही हो सकते।
मौलाना हमीदुल हसन ने कहा कि जब तक इंटरनेश्नल लेविल पर मिलकर नियत साफ़ कर के एक दूसरे का सहयोग नही किया जाएगा यह आतंकवादी यूं ही नुक़सान पहुंचाते रहेंगे। इनको केवल आतंकवादी नही बल्कि इंसानियत के वहशी होने का सबूत है जो कभी सीना चीर कर इंसान के कलेजे को खा जाते हैं। मौलाना ने कहा कि इन लोगों का काम बच्चों पर अत्याचार, औरतों का अपहरण कर उनको बेचना आदि हैं। उन्होंने कहा कि इनकी बर्बर कार्रवाईयों को आस्ट्रेलिया, भारत, इराक़ और सीरिया में देखा जा सकता है।
इंसानियत पसंद लोगों को चाहिए कि वह इन लोगों को ख़त्म करने के बारे में सोचें। मौलाना हमीदुल हसन ने अन्त में सवेंदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह बहुत ही दर्दनाक घटना है, पीड़ितों को अल्लाह सब्र दे।
मजलिस-ए-उलमाए हिंद के जनरल सिक्रेट्री और इमामे जुमा लखनऊ मौलाना कल्बे जवाद ने आतंकवादियों द्वारा स्कूल में बच्चों के क़त्ले आम पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि शुरु में जब इस तरह के हमले शियों पर होते थे तो मौलवी सहित सभी चुप रहते थे, ऐसे ही स्कूलों पर हमले इराक़ और सीरिया में किए गए तो लोग चुप्पी साधे हुए थे समझते थे शियों पर हमले हो रहे हैं। इन्हीं हमलों से आतंकवादियों की हिम्मत बढ़ती रही।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद परवान चढ़ा। आतंकवादियों का उद्देश्य नरसंहार करना है। चाहे वह किसी का भी हो। उन्होंने कहा कि हमारी हुकूमत को सीख लेनी चाहिए, यहां पर मजलिस पर हमले हुए वोट की सियासत करने वाले समझते हैं कि शियों पर हमले हैं, ऐसे ही दूसरों पर भी हमले हो सकते हैं क्योंकि वज़ीरगंज में मजलिस पर हमला हुआ उसको हुकूमत दो सम्प्रदायों के बीच झगड़ा न समझे।
ऐसे ही पाकिस्तान में शुरुवात हुई थी। उन्होंने पाकिस्तान में आर्मी स्कूल में मासूम बच्चों के आतंकवादियों द्वारा मारे जाने पर दुःख व्यक्त किया और कहा कि इसका हल केवल एक है कि, सभी धर्मों के लोग एक होकर मुक़ाबला करें, उन्होंने कहा कि मैंने आतंकवाद के ख़िलाफ़ सभी घर्मों के लोगों को एक स्टेज पर लाकर विरोध प्रदर्शन किया। हमारी हुकूमत को चाहिए कि पाकिस्तान के हालात से सीख लेते हुए आतंकवादियों के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई करे चाहे वह मजलिस पर हमला करने वाले हों या कहीं भी और किसी पर भी आतंकवादी हमला करने वाले हों। मौलाना कल्बे जवाद ने मरने वाले बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
क़ाज़ी-ए-शहर अबुल इरफ़ान फ़िरंगी महली ने कहा कि आतंकवादी पार्टी तहरीक-ए-तालिबान जहन्नुमी है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस हमले में शामिल हैं वह जहन्नुमी हैं उन्हें मुसलमान नही कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लाम में जिहाद के अवसर पर भी बच्चों और औरतों पर अत्याचार करने की मनाही है केवल उन दुश्मनों से जंग करने की अनुमति है जो हमला कर रहे हों। उन्होंने कहा कि यह स्कूली बच्चे हैं इनपर हमला करने वालों को केवल जहन्नम मिलेगी उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को मुसलमान कहना इस्लाम के ख़िलाफ़ है।


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