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आयतुल्लाह ख़ामेनई:

चेहलुम के दौरान जो भाईचारा, मित्रता, कृपा और प्रेम की भावना पैदा हुई उसको सुरक्षित रखा जाए।

  • News Code : 793825
  • Source : तेहरान रेडियो
Brief

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपने संबोधन में कहा कि अमरीकी सरकार ने अबतक समग्र परमाणु समझौते का कई बार उल्लंघन किया है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपने संबोधन में कहा कि अमरीकी सरकार ने अबतक समग्र परमाणु समझौते का कई बार उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा कि अमरीका ने ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों में दस वर्ष की जो वृद्धि की है यदि उसका पालन किया गया तो निश्चित रूप से यह जेसीपीओए का उल्लंघन होगा। वरिष्ठ नेता ने कहा कि अमरीकी सरकार को मालूम होना चाहिए कि ईरान इन प्रतिबंधों के लागू होने पर उचित कार्यवाही करेगा।
वरिष्ठ नेता ने ईरानी अधिकारियों और जेसीपीओए के क्षेत्र में सक्रिय लोगों के बयानों की ओर संकेत करते हुए, जिसमें उन्होंने परमाणु समझौते का लक्ष्य, प्रतिबंधों और दबावों की समाप्ति बताया था, कहा कि परमाणु समझौते या जेसीपीओए को ईरानी राष्ट्र और देश पर दबाव डालने के हथकंडे में परिवर्तित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने ईरान और अमरीकी सरकार से जुड़े मुद्दों के बारे में कहा कि फिलहाल हमारा अमरीका में सत्ता में आने वाली नई सरकार के बारे में फ़ैसला करने का कोई इरादा नहीं है।
दूसरी ओर इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने चेहलुम के मिलियन मार्च को एक भव्य ऐतिहासिक वास्तविकता और ईश्वरीय अनुकंपा बताया है।
ज्ञात रहे कि बुधवार को स्वयं सेवी बल बसीज के हज़ारों जवानों और कमान्डर्स ने वरिष्ठ नेता से तेहरान में मुलाक़ात की। वरिष्ठ नेता ने इस असवर पर अपने संबोधन में चेहलुम के मिलियन मार्च को एक भव्य एैतिहासिक वास्तविकता और ईश्वरीय अनुकंपा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के चेहलुम मार्च ने दुनिया वालों को दिखा दिया कि यह मार्ग, प्रेम और तत्वदर्शिता के साथ है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस भव्य ई्श्वरीय अनुकंपा का आभार व्यक्त किया जाना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस ईश्वरीय अनुकंपा का आभार यह है कि चेहलुम के मार्च के दौरान जो भाईचार, मित्रता, कृपा और प्रेम की भावना पैदा हुई उसको सुरक्षित रखा जाए।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अपने संबोधन में स्वयं सेवी बल बसीज को इस्लामी क्रांति की आश्चर्यजनक अनुकंपा बताया। उन्होंने कहा कि इमाम ख़ुमैनी को स्वयंसेवी बल के गठन का विचार ईश्वर ने अपने संदेश इलहाम द्वारा दिया। उन्होंने बसीज के विरुद्ध दुश्मनों के षड्यंत्रों की ओर से सचेत करते हुए कहा कि शत्रु का एक षडयंत्र, अपना प्रभाव बनाना है। एक वर्ष से अधिक समय से इस बारे में कई बार चेतावनी दी जा चुकी है।


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