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हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई:

रासायनिक और परमाणु हथियारों को छोड़, हर प्रकार के सैन्य उपकरणों में विस्तार किया जाए।

  • News Code : 776192
  • Source : अबना
Brief

आयतुल्लाह ख़ामेनई ने इस्लामी रिपब्लिक ईरान की स्ट्राटेजिक पोज़ीशन, पश्चिम एशिया क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति और इस क्षेत्र में वर्चस्ववादी शक्तियों की उत्सुक व लालची नज़रों की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश व राष्ट्र और भविष्य की सुरक्षा को निश्चित बनाने के लिए रक्षात्मक क्षमता बढ़ाने के साथ साथ हमला करने की क्षमता में भी वृद्धि करने की ज़रूरत है.............

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई ने बुधवार को रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और सैन्य विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षात्मक और हमला करने वाली क्षमताओं में वृद्धि ईरान का हक़ है। इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने रक्षात्मक क्षमता में वृद्धि के रास्ते को जारी रखने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि एक ऐसी दुनिया में जिस पर आक्रामक, दादागीर, वर्चस्ववादी और नैतिकता व मानवता से दूर शक्तियां राज कर रही हैं और अन्य देशों पर आक्रमण और निर्दोष इंसानों का नरसंहार करने और आतंकवाद का मुकाबला करने के बहाने शादी समारोहों और अस्पतालों को बमों का निशाना बनाने से तनिक भी संकोच नहीं करतीं और किसी भी अंतर-राष्ट्रीय संस्था को भी जवाबदे नहीं हैं, रक्षात्मक और हमला करने वाले उद्योगों में विस्तार और विकास एक स्वाभाविक बात है क्योंकि जब तक यह शक्तियां ईरान की शक्ति और मिलिट्री पावर का एहसास नहीं करेंगी तब तक शांति और सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं बनाया जा सकता है।
आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि रासायनिक और परमाणु हथियारों जैसे आम विनाश के हथियारों को छोड़कर रक्षा उद्योगों के विस्तार और विकास में किसी प्रकार की कोई सीमा निश्चित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रासायनिक और परमाणु हथियार बनाना, धार्मिक दृष्टि से मना किया है और इस लिहाज से ईरान की रक्षात्मक क्षमता के विस्तार में सीमा भी निश्चित है।
आयतुल्लाह ख़ामेनई ने इस्लामी रिपब्लिक ईरान की स्ट्राटेजिक पोज़ीशन, पश्चिम एशिया क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति और इस क्षेत्र में वर्चस्ववादी शक्तियों की उत्सुक व लालची नज़रों की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश व राष्ट्र और भविष्य की सुरक्षा को निश्चित बनाने के लिए रक्षात्मक क्षमता बढ़ाने के साथ साथ हमला करने की क्षमता में भी वृद्धि करने की ज़रूरत है।
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि अमेरिकी सरकार को इस्लामी रिपब्लिक ईरान के बारे में कोई राय कायम करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे अमेरिका का वर्तमान सत्तारूढ़ दल हो या वह पार्टी जो इससे पहले सरकार में थी किसी के पास ऐसा करने का नैतिक औचित्य नहीं है क्योंकि अमेरिका के इन दोनों ही दलों ने तरह-तरह के अत्याचार व अपराध किए हैं।
आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई ने अमेरिका की मौजूदा सरकार को आतंकवाद का खतरनाक नेटवर्क तैयार करने के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अमेरिका की मौजूदा सरकार दिखावे में एक आतंकवादी गिरोह पर हमला करती है और दूसरे आतंकवादी समूह को छूट देती है, जिसका मतलब नैतिकता पर राजनीति को प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की पूर्व सरकार भी इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में हुए जघन्य अपराधों और अत्याचारों की जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि इराक़ और अफ़गानिस्तान में दसियों लाख निर्दोष इंसान मारे गए और यहां तक कि हजारों इराक़ी उल्मा व बुद्धिजीवियों को अमेरिका के इंसान दुश्मन ब्लैकवॉटर कंपनी ने चुन चुन कर मार डाला है इसलिए अमेरिका के दोनों पार्टियों में से कोई भी नैतिक आधार पर किसी पर बढ़त नहीं रखती है।
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि हमें अमेरिका में ऐसी ही सरकारों का सामना है अब इसके बाद भी अगर यह समझें कि अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत करके हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं तो यह भूल है। उन्होंने फरमाया कि अगर अमेरिका के साथ बातचीत न करने की बात करता हूं तो इसकी वजह यही है और अनुभव भी साबित कर दिया है कि अमेरिकी अधिकारी वार्ता के दौरान किसी समझौते पर पहुंचने के बजाए अपनी इच्छा थोपना चाहते हैं जिसका स्पष्ट उदाहरण यही हालिया परमाणु वार्ता है।


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