$icon = $this->mediaurl($this->icon['mediaID']); $thumb = $this->mediaurl($this->icon['mediaID'],350,350); ?>

दक्षिणी अफ़्रीक़ा के राष्ट्रपति ने सुप्रीम लीडर से मुलाक़ात की।

  • News Code : 749908
  • Source : तेहरान रेडियो
Brief

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि स्वाधीन देशों को अधिक से अधिक एक दूसरे से निकट होना चाहिए और कुछ साम्राज्यवादी शक्तियों की ओर से रुकावटें डाले जाने के बावजूद अपने सहयोग को बढ़ाना चाहिए।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि स्वाधीन देशों को अधिक से अधिक एक दूसरे से निकट होना चाहिए और कुछ साम्राज्यवादी शक्तियों की ओर से रुकावटें डाले जाने के बावजूद अपने सहयोग को बढ़ाना चाहिए।

वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने रविवार की शाम दक्षिणी अफ़्रीक़ा के राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा से मुलाक़ात में ईरान और दक्षिणी अफ़्रीक़ा के संबंधों में दो महत्वपूर्ण बिन्दुओं की ओर संकेत किया। पहला बिन्दु यह था कि ईरान ने इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद दक्षिणी अफ्रीक़ा की नस्ल भेदी सरकार से संबंध विच्छेद कर लिया था। वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान ने जायोनी शासन और साथ ही दक्षिण अफ्रीक़ा की रंगभेदी सरकार से संबंध तोड़ लिया था।

ईरान और दक्षिण अफ्रीका के संबंधों में दूसरा महत्वपूर्ण बिन्दु इस देश की रंगभेदी सरकार के विरुद्ध नेल्सन मंडेला के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीका की जनता का संघर्ष था। ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति से मुलाक़ात में इन दोनों बिन्दुओं की ओर संकेत किया और दक्षिण अफ्रीक़ा की ओर ईरान के दृष्टिकोण को सकारात्मक व रचनात्मक बताया। वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और दक्षिण अफ्रीका के संबंधों में सहकारिता बहुत प्रभावी है परतुं दोनों देशों की संभनावनाओं के दृष्टिगत आर्थिक लेन देन के स्तर में भी वृद्धि होनी चाहिये।

उन्होंने दक्षिणी अफ़्रीक़ा की नस्लभेदी सरकार को गिराने में इस देश के नेता नेल्सन मंडेला की महत्वपूर्ण भूमिका और इस्लामी गणतंत्र ईरान के साथ उनके अच्छे संबंधों की ओर संकेत करते हुए कह कि मंडेला और दक्षिणी अफ़्रीक़ा की जनता का संघर्ष जारी रहने से अत्याचारी व अमानवीय सरकार गिर गई और मंडेला ने अपने इस काम से पूरे अफ़्रीक़ा में संघर्ष मंच पर एक नई आत्मा फूंक दी।

इस मुलाक़ात में दक्षिणी अफ़्रीक़ा के राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा ने भी अपने देश की नस्ल भेदी सरकार के साथ संघर्ष में ईरान के समर्थन के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके देश की जनता कभी भी ईरान के समर्थन को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा कि कुछ बड़ी शक्तियां निराधार बहानों से स्वाधीन देशों के आपसी संबंधों में विस्तार में रुकावट डालती हैं परंतु वैश्विक मामलों में एकता व एकजुटता के माध्यम से बहुत सी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

बहरहाल ईरान में अपार संभावनाओं के दृष्टिगत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहकारिता के लिए बहुत अधिक अवसर मौजूद हैं और दक्षिण अफ्रीक़ा ईरान के साथ सहकारिता करके इन संभावनाओं से लाभ उठा सकता है।


अपना कमेंट भेजें

आपका ईमेल शो नहीं किया जायेगा. आवश्यक फ़ील्ड पर * का निशान लगा है

*