आयतुल्लाह निम्र की शहादत पर सैयद हसन नस्रुल्लाह का महत्वपूर्ण संदेश।

  • News Code : 728646
  • Source : अबना
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हिजबुल्लाह के प्रमुख ने सवाल उठाया कि क्या अब भी समय नहीं आया है कि ब्रिटेन के लिए आले सऊद की नौकरी और फ़िलिस्तीन मुद्दे में इस सरकार के चालों को सामने लाया जाए? उन्होंने कहा कि आले सऊद के साथ किसी भी प्रकार की छूट और औपचारिक बयान देने का समय गुज़र चुका है।

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार हिज़्बुल्लाह लेबनान के प्रमुख सैयद हसन नस्रुल्लाह ने आयतुल्लाह निम्र बाक़िर अलनिम्र की मौत को अत्यंत भयानक और महान त्रासदी बताया और कहा कि वह इस घटना के बाद अब सऊदी अरब के पास बहाना बनाने के लिए कुछ बाकी नहीं बचा है, यह ऐसी त्रासदी है जिसके पास से आसानी से नहीं गुज़रा जा सकता।
बैरूत में शेख मोहम्मद ख़ातून की याद में शोक सभा को संबोधित करते हुए सैयद हसन नस्रुल्लाह ने कहा आयतुल्लाह निम्र बाक़िर अलनिम्र जैसे महान धार्मिक नेता को मृत्युदंड देकर शहीद किए जाने की किसी भी सूरत में अपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि हमारा वास्ता एक ऐसी सरकार से है जो क्षेत्र में नरसंहार में लिप्त है और जिसकी आधारशिला ही उत्पीड़न व अत्याचार पर रखी गई है। यह वह आले सऊद हैं जिन्होंने उस धरती को जहाँ हज़रत मोहम्मद स.अ. पर वही आती थी, जिन्होंने अहलेबैत अतहार (अ) और और रसूल स. के साथियों और अस्हाब की ज़मीन को जिन्होंने इस्लाम और कुरान की धरती को अपने राजकुमारों के नाम पर बदल दिया है। उन्होंने कहा कि आले सऊद सरकार में जरा से भी अक़्ल व समझदारी नहीं है और शिया सुन्नी मतभेद फैलाने की कोशिश कर रही है। इसलिए शिया ऐसा कदम उठाने से बचें जिससे शिया सुन्नी मतभेद पैदा हो।
उन्होंने ताकीद की कि जिन्होंने शेख निम्र को शहीद किया है वह सुन्नी नहीं हैं बल्कि आले सऊद हैं। उनका सुन्नियों से कोई संबंध नहीं है। सऊदी अरब में शिया व सुन्नी आपस में मतभेद नहीं रखते बल्कि यह आले सऊद हैं जो वर्षों से इन दो समुदायों में फूट डालने और मतभेद की आग भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। और जहां भी शिया सुन्नी मतभेद सामने आए वहाँ पीठ पीछे आले सऊद का हाथ जरूर होंगा।
हिज़्बुल्लाह लेबनान के महासचिव ने कहा कि शहीद निम्र को फांसी देने से इस आक्रामक सरकार का सभी बुद्धिमानों को यह संदेश है कि अब बातचीत की नौबत समाप्त हो चुकी है अब केवल युद्ध और हत्या की बात है। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि हम तानाशाही शासन कर रहे हैं हमारे साथ या तो भेड़ की तरह जियो या भेड़ की तरह कट कर मर जाओ। इस फांसी का संदेश यह है कि सऊदी सरकार के पास किसी अंतरराष्ट्रीय कानून या करोड़ों मुसलमानों की राय का कोई महत्व नहीं। वह यह कहना चाहती है कि जो हमारा विरोध करेगा हम उसका खून बहा देंगे।
सैयद हसन नस्रुल्लाह  ने कहा कि सऊदी सरकार अफगानिस्तान से लेकर नाइजीरिया और लेबनान से लेकर दुनिया के अन्य क्षेत्रों तक इसी घिनौने काम में व्यस्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि शिया और सुन्नी फ़ित्ने में पड़ना, आयतुल्लाह निम्र के हत्यारों के नौकरी के समान होगा। सैयद हसन नस्रुल्लाह ने कहा कि इस संबंध में अहले सुन्नत विद्वानों की भूमिका सराहनीय है और वह आले सऊद की इस साजिश को नाकाम कर देंगे। उन्होंने कहा कि अहले सुन्नत विद्वानों ने आयतुल्लाह निम्र के बारे में अपना पक्ष खुलकर स्पष्ट कर दिया था लेकिन आले सऊद सरकार ने फिर भी उन्हें शहीद कर दिया।
हिजबुल्लाह के प्रमुख ने सवाल उठाया कि क्या अब भी समय नहीं आया है कि ब्रिटेन के लिए आले सऊद की नौकरी और फ़िलिस्तीन मुद्दे में इस सरकार के चालों को सामने लाया जाए? उन्होंने कहा कि आले सऊद के साथ किसी भी प्रकार की छूट और औपचारिक बयान देने का समय गुज़र चुका है। सैयद हसन नस्रुल्लाह ने स्पष्ट किया कि दुनिया की कोई भी शक्ति हिज़्बुल्लाह के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती है और न ही उसकी तरक्की पर कोई चोट लगा सकती है।
सैयद हसन नस्रुल्लाह ने अंत में इस्राईल को ललकारते हुए शहीद किन्तार की हत्या का ठोस जवाब देने के हवाले से एक बार फिर कहा कि हम इस शहीद के खून का बदला लेकर रहेंगे और इस्राईल हमारी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा करे।


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