आदिल अल-जुबैर

आले सऊद शासन ने ईरान के साथ राजनयिक संबंध तोड़े।

  • News Code : 728629
  • Source : एरिब.आई आर
Brief

सऊदी अरब शासन द्वारा मौत की सज़ा के रूप में वरिष्ठ शिया धर्मगुरु शेख़ बाक़िर निम्र की हत्या पर तेहरान की आपत्ति के बाद, सऊदी अरब ने ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध तोड़ने की घोषणा की है।

सऊदी अरब शासन द्वारा मौत की सज़ा के रूप में वरिष्ठ शिया धर्मगुरु शेख़ बाक़िर निम्र की हत्या पर तेहरान की आपत्ति के बाद, सऊदी अरब ने ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध तोड़ने की घोषणा की है।
रविवार को अल-अरबिया चैनल पर प्रसारित होने वाले एक बयान में सऊदी विदेश मंत्री आदिल अल-जुबैर ने यह घोषणा करते हुए कहा कि रियाज़ में ईरान के राजनयिकों से 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने के लिए कहा गया है।
सऊदी अरब की ओर से यह क़दम तेहरान में स्थित सऊदी दूतावास और मशहद में स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास के सामने शेख़ निम्र को शहीद किए जाने के विरोध में प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है।
सऊदी अरब की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया जताते हुए ईरान के उप विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा कि रियाज़, तेहरान से अपने संबंध तोड़कर अपनी इस बड़ी ग़लती पर पर्दा नहीं डाल सकता।
उन्होंने कहा कि तेहरान और मशहद में प्रदर्शनों के दौरान, एक भी सऊदी राजनयिक को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा है, ईरान इलाक़े के सबसे सुरक्षित देशों में से है, जहां विश्व भर के राजनयिक अपनी ज़िम्मेदारियां अंजाम दे रहे हैं।
अब्दुल्लाहियान का कहना था कि यह कोई पहली बार नहीं है कि जब सऊदी अरब ने अपनी स्ट्रैटेजिक ग़लती और जल्दबाज़ी में क़दम उठाकर इलाक़े की सुरक्षा को ख़तरे में डाला है।
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की क़ीमतों में भारी कमी की साज़िश रचकर, सऊदी अरब अपनी ही जनता और अन्य मुस्लिम देशों को नुक़सान पहुंचा रहा है।
उल्लेखनीय है कि शेख़ बाक़िर निम्र समेत 46 लोगों के सिर क़लम किए जाने की विश्व भर में व्यापक निंदा जारी है।


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