पाकिस्तान में बिना किसी अपराध के क़ैद, शिया मौलाना 18 साल बाद रिहा।

  • News Code : 650331
  • Source : ईरान रेडियो
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पाकिस्तान में मशहूर शिया मौलाना अल्लामा ग़ुलाम रज़ा नक़वी इस देश के पूर्वी प्रांत पंजाब के लाहौर शहर की जेल से दोषसिद्धी के बिना 18 साल जेल में गुज़ारने के बाद रिहा हो गए हैं।

अबनाः पाकिस्तान में मशहूर शिया मौलाना अल्लामा ग़ुलाम रज़ा नक़वी इस देश के पूर्वी प्रांत पंजाब के लाहौर शहर की जेल से दोषसिद्धी के बिना 18 साल जेल में गुज़ारने के बाद रिहा हो गए हैं।
पाकिस्तान के सिपाहे मोहम्मद संगठन के पूर्व नेता अल्लाम ग़ुलाम रज़ा नक़वी को शुक्रवार को लाहौर की कैंप जेल से रिहा किया गया। 27 अक्तूबर को पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत ने उनकी रिहाई का हुक्म जारी किया था।
ज्ञात रहे सिपाहे मोहम्मद पाकिस्तान में शिया मुसलमानों के ख़िलाफ़ तकफ़ीरी चरमपंथी गुटों की ओर से सांप्रदायिक हिंसा के जवाब में नब्बे के दशक के आरंभ में शुरु होने वाला एक राजनैतिक व धार्मिक अभियान था।
जेल से रिहाई के बाद मौलाना ग़ुलाम रज़ा नक़वी ने प्रेस टीवी से कहा, “ शिया होने के जुर्म में 18 साल जेल में गुज़ारने के बाद रिहाई ने मुझे अपने संगठन के लिए संघर्ष करने की और ताक़त दी है। अगर शिया होना जुर्म है तो मैं मुजरिम हूं। मैं शिया हूं और आख़िरी सांस तक शिया रहूंगा।”
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया-सुन्नी समुदायों के बीच तनाव की जड़ इस देश के बाहर है। मौलाना ग़ुलाम रज़ा नक़वी ने कहा कि पाकिस्तान में तकफ़ीरी गुटों को पश्चिमी सरकार पैसे देती है कि वह मुसलमानों के बीच फूट के बीच बोएं।
मौलाना ग़ुलाम रज़ा नक़वी को 1996 में गिरफ़्तार किया गया और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने 14 अगस्त 2001 में सिपाहे मोहम्मद संगठन को भंग कर दिया था।
पाकिस्तान में तालेबान समर्थक गुटों ने शीयों के ख़िलाफ़ हमले शुरु किए। स्थानीय सूत्रों के अनुसार तालेबान और अलक़ाएदा के आतंकवादी पाकिस्तान में हज़ारों शिया मुसलमानों को जान से मार चुके हैं।


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