सय्यद हसन नस्रुल्लाहः

सीरिया में की गई है अलक़ायदा की घेराबंदी।

  • News Code : 389715
  • Source : विलायत डाट इन
सय्यद ह़सन नसरुल्लाह ने एक कान्फ्रेंस मे बोलते हुए कहा कि मैं अलक़ायदा से कहता हूँ कि अमरीका और यूरोपीय सरकारें औऱ कुछ अरब मुल्कों के नेताओं ने तुम्हारे लिए षड़यंत्र रचा है यानी तुम्हें अपना निशाना बनाया है........

सय्यद ह़सन नसरुल्लाह ने एक कान्फ्रेंस मे बोलते हुए कहा कि मैं अलक़ायदा से कहता हूँ कि अमरीका और यूरोपीय सरकारें औऱ कुछ अरब मुल्कों के नेताओं ने तुम्हारे लिए षड़यंत्र रचा है यानी तुम्हें अपना निशाना बनाया है, वह तुम्हारे लिए सीरिया का रास्ता खोलने के बहाने चाहते हैं कि यूरोप, एशिया और अमेरिका सहित दुनिया के विभन्न हिस्सों से तुमको सीरिया में इकट्ठा करें ताकि एक दूसरे को मारो, काटो और तुम लोग भी उनके जाल में फंस गये।इसी बात को आगे बढ़ाते हुए ह़िज़बुल्लाह के महासचिव सय्यद ह़सन नसरुल्लाह ने सीरिया के मौजूदा हालात के बारे में कहाः लगभग इस देश मे संकट को दो साल होने को हैं। जबकि 14 मार्च के संघर्षों औऱ कुछ अरब सरकारों ने उस समय यह भविष्यवाणी की थी कि सीरिया की सरकार दो महीने में गिर जायेगी उन्होनें आगे कहा कि इस दो माह के समय के गुज़रने के बाद एरिये की अरब सरकारों ने अपने समय के दो या तीन माह के समय को सीरिया की सरकार के गिरने के साथ बढ़ाया, हांलाकि दो साल के बाद भी सीरिया की सरकार नही गिरी बल्कि अपनी जगह पर बाक़ी है। उन्होने ने कहा इस समूह की ख़बर झूटी थी और यह एक मानसिक लड़ाई है।उन्होनें सीरिया के लोगों के सरकार के समर्थन की तरफ़ इशारा किया और कहा कि जो भी यह सोचता है कि सीरिया के हथियारबंद विरोधी लड़ाई में जीत जायेगें पूरी तरह़ से ग़लत है। हांलाकि नसरुल्लाह ने कहा सीरिया की हिंसा एक गंभीर रुप घारण करेगी और काफ़ी समय तक खिंचेगी।ह़िज़बुल्लाह के महासचिव ने अपने भाषण मे कहा अमरीका सरकार किसी भी सूरत में सीरिया के संकट का जल्दी अंत नही चाहती है।बल्कि यह चाहती है कि जितना भी सीरिया की सेना और विपक्षी दल आपस में कटे मरें और इस देश का बुनियादी ढाँचा बर्बाद हो जाये अमेरिका के हित मे होगा, फिर वह एक कमज़ोर और असमर्थ मुल्क के सामने होंगे।नसरुल्लाह ने आगे कहा कि अमेरिका और कुछ इलाक़ाई अमीर सरकारें इस चिंता के बिना की सीरिया का संघर्ष उनके देशों में भी आ सकता है, सीरिया के आतंकवादियों का समर्थन, वहाँ के लोगों का नरसंहार और सीरिया के नष्ट होने के दर्शक बने हुए हैं। ह़िज़्बुल्लाह के महासचिव ने 14 मार्च के विपक्षी प्रतिनिधिमंडल के ह़ाल मे गाज़ा पट्टी के सफ़र औऱ फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध औऱ उनके हथियारों और मिसाईलों के समर्थन की तरफ़ इशारा करते हुए उनके इस रुख का स्वागत किया।प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों न गाज़ा पट्टी से लौटने के बाद इस बात का ऐलान किया कि हम फ़िलिस्तीन की मिट्टी की एक इंच की अनदेखी नहीं कर सकते यानी फ़िलिस्तीनियों का ह़क़ उन्हें मिलना चाहिए।उन्होने आगे कहा यह स्थिति जो 14 मार्च विपक्षी प्रतिनिधिमंडल की गाज़ा पट्टी की यात्रा के बाद है खुशी और प्रसन्नता की बात है और उम्मीद की जाती है कि यह केवल बयानी और बातों तक न रहकर अमल तक पहुँचे।नसरुल्लाह ने इसराईल के साथ संघर्ष में प्रतिरोध बलों के इतिहास की तरफ़ इशारा करते हुए ज़ोर देकर कहा कि सन 2000 में इस्राईल की दक्षिणी लेबनान से वापसी उनकी नाकामियों की शुरूआत थी। उन्होनें 2006 में लेबनान के इज़राईल पर हमले और 2008 और 2012 में गाज़ा पट्टी पर हुए हमले की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि इन हमलों में उनकी नाकामी संयोग नहीं था। फ़िलिस्तीन और गाज़ा में उन्होनें कहा इस्लामी रिपब्लिक ईरान दीनी ज़िम्मेदारियों और इंसानियत पर आधारित व्यवहार करता है। उन्होने आगे कहा ईरान इस बात की उम्मीद भी नहीं रखता कि कोई इस इंसानी सहायता के लिए उसका शुक्रिया अदा करे। नसरुल्लाह ने ख़ास तौर पर कहा कि मै सुप्रीम लीडर की बात को आपके लिए बयान कर रहा हूँ कि उन्होनें कहा है कि अगर अरबी सरकारें फ़िलिस्तीन के आर्थिक या फौजी ट्रेनिंग के लिये तैयार है तो हम उनका स्वागत करते हैं।


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