सय्यद हसन नस्रुल्लाहः

फ़िलिस्तीन की सहायता, धार्मिक कर्तव्य

  • News Code : 366472
  • Source : विलायत डाट इन
लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे हिज़्बुल्लाह के जनरल सेक्रेटरी सैयद हसन नस्रुल्लाह ने सोमवार की रात, मुहर्रम के सिलसिले में अपनी एक स्पीच में, ग़ज़्ज़ा पट्टी पर इस्राईल के ग़ैरइंसानी हमले पर अरब मुल्कों के कमज़ोर और ढीले रवय्ये और व्यवहार की आलोचना की.........

लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे हिज़्बुल्लाह के जनरल सेक्रेटरी सैयद हसन नस्रुल्लाह ने सोमवार की रात, मुहर्रम के सिलसिले में अपनी एक स्पीच में, ग़ज़्ज़ा पट्टी पर इस्राईल के ग़ैरइंसानी हमले पर अरब मुल्कों के कमज़ोर और ढीले रवय्ये और व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि आज ग़ज़्ज़ा पट्टी को हर तरह की मदद पहुंचाना सबसे बड़ी दीनी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने साफ़ किया कि इस्राईली यह सोचते हैं कि फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं के पास मिसाइल समाप्त हो जाएंगें तो उनका प्रतिरोध भी ख़त्म हो जाएगा इसी लिए इस्लामी और अरब मुल्कों की ज़िम्मेदारी और कर्तव्य है कि वह अपनी सरहदें खोल दें और ग़ज़्ज़ा पट्टी में प्रतिरोध मोर्चे के लिए ज़्यादा से ज़्यादा हथियार और मिसाइलों भेजें।लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे हिज़्बुल्लाह के जनरल सेक्रेटरी ने ग़ज़्ज़ा पट्टी में फ़िलिस्तीनी जियालों के संघर्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि अब तक फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध की ओर से ज़ायोनियों को कड़ा जवाब दिया जा रहा है और जंगबंदी के लिए अपनी शर्तों पर उसका डटे रहना भी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आज अरब मुल्कों से यह उम्मीद की जा रही है कि वह ग़ज़्ज़ा पट्टी के नागरिकों के साथ खड़े होंगे न कि ग़ज़्ज़ा पट्टी और इस्राईल के बीच मध्यस्थता और बीच बचाव के लिए भाग-दौड़ करेंगे। सय्यद हसन नस्रुल्लाह ने कहा कि ग़ज़्ज़ा पट्टी पर इस्राईल के जंगी जहाज़ों के हमले के बारे में अधिकांश अरब मुल्कों ने राहत संस्था की भूमिका निभाई है अर्थात उनके प्रतिनिधि, ग़ज़्ज़ा पट्टी की यात्रा कर रहे हैं और दवाएं तथा आर्थिक सहायता भेजने की बाते कर रहे हैं।...........166


*शहादत स्पेशल इश्यू*  शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी व अबू महदी अल-मुहंदिस
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